रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: तालिबान बंदूक के दम पर अफगानिस्तान में कब्जा करने के बाद अपनी हैवानियत दिखानी शुरु कर दी है। वहां के लोगो पर विशेषकर महिलाओं पर तमाम तरह की पाबंदियां लगा दी हैं। अब महिलाओं के संगीत और आवाज पर भी तालिबानी बंदूक का पहरा हो गया है। अफगानिस्तान के कांधार में तालिबान ने टीवी और रेडियो चैनलों पर संगीत और महिला आवाजों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
आपको बता दें कि शुरुआत में तालिबान ने भरोसा दिया था कि वह महिलाओं को काम करने की इजाजत देगा। वहीं इस्लामी कानूनों के दायरे में रहते हुए पढ़ाई करने देने का भी वादा किया था। एक न्यूज चैनत की खबर की मानें तो तालिबान के वादों से इतर स्थानीय मीडिया में ऐसी खबरें आ रही हैं कि महिलाओं को अपनी रोजाना की जिंदगी में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
तालिबान की हैवानियत को आप इसी से समझ सकते हैं कि काबुल एयरपोर्ट पर बिना हिजाब के दिखी एक महिला पर तालिबान ने गोली चला दी थी। वहीं एक महिला के सैंडल से उसका पैर दिखने पर भी उसे फटकार लगाई गई थी। हद तो तब हो गई जब CNN की एक एंकर ने तालिबान शासन लागू होने के अगले ही दिन हिजाब पहनकर रिपोर्टिंग करनी शुरू कर दी थी। उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं।
आपको बता दें कि 15 अगस्त को आफगानिस्तान पर तालिबान के शासन में आने के साथ ही कई मीडिया संस्थानों ने अपने यहां से महिला एंकरों को नौकरी से निकाल दिया। वहीं काबुल में भी स्थानीय मीडिया ने कई महिला स्टाफ को काम से हटा दिया था। अपने पहले के कार्यकाल में तालिबान महिलाओं के साथ गलत ढंग से पेश आने के लिए कुख्यात रहा है। तब महिलाओं को बिना पुरुष के घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी। साथ ही उन्हें अपना सिर ढंककर रखना होता था।