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तालिबान लड़ाको ने पिता से दुश्मनी निकालने के लिए इस मासूम पर बरसाये 100 कोड़े, मासूम की पीठ कर दी छलनी

आफगानिस्तान में तालिबान का आतंक इस वक्त दुनिया देख रही है। अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के हटन के बाद से ही तालिबान ने अफगानिस्तान में तबाही मचानी शुरु कर दी है।

By: RNI Hindi Desk 
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तालिबान लड़ाको ने पिता से दुश्मनी निकालने के लिए इस मासूम पर बरसाये 100 कोड़े, मासूम की पीठ कर दी छलनी

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: आफगानिस्तान में तालिबान का आतंक इस वक्त दुनिया देख रही है। अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के हटन के बाद से ही तालिबान ने अफगानिस्तान में तबाही मचानी शुरु कर दी है। तालिबान ने वहां इस कदर हालात बदल दिया है कि जो भी इसके खिलाफ आवाज उठाता है, उसे बेरहमीं से पीटा जा रहा है। इसके बाद भी जब कोई नहीं मानता तो हत्या कर दी जा रही है।

हम आपको एक बच्चे के बारे में बतायेंगे, जिससे आप वहां के हालात का अंदाजा लगा पायेंगे। इस बच्चे पर तालिबानियों ने इसलिए बेरहमीं से पीटा क्योंकि उसके पिता अफगान सेना में है। इस बच्चे की तस्वीर अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता फवाद अमन ने अपने twitter अकाउंट से शेयर की है।

इसके साथ ही उन्होंने लिखा-आतंकवादी तालिबान ने फरयाब प्रांत के शेरिन-तगाब जिले में एक बच्चे को बेरहमी से पीटा; क्योंकि उसके पिता एक अफगान सैनिक थे। तालिबान हर रोज अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में निर्दोष नागरिकों को मारते हैं और लोगों की संपत्ति लूटते हैं। तालिबान ने इस बच्चे को 100 कोड़े मारे। इस घटना के बाद से बच्चा डरा हुआ है।

आपको बता दें कि हाल ही में तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्तान के मशहूर कॉमेडियन नजर मोहम्मद खाशा की बर्बरता से हत्या कर दी थी। लोगों में दहशत फैलाने के लिए तालिबान ने एक वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा था कि तालिबानी लड़ाकों ने कॉमेडियन को एक गाड़ी में बैठाकर पहले थप्पड़ मारे।

इनना ही नहीं तालिबान ने रॉयटर्स के चीफ फोटोग्राफर दानिश सिद्दीकी की भी बेरहमी से हत्या की थी। अमेरिका की एक मैगजीन वाशिंगटन एक्जामिनर ने यह दावा किया था। जबकि पिछले दिनों तालिबान के प्रवक्ता ने एक इंटरव्यू में साफ कहा था कि उसे नहीं पता कि दानिश को किसकी गोली लगी।

रिपोर्ट की मानें तो दानिश अफगान नेशनल आर्मी टीम के साथ स्पिन बोल्डक क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को कवर करने पहुंचे थे। यह पाकिस्तान से सटी सीमा है। इसी दौरान उन्हें गोलियों के छर्रे लगे। वे इस उम्मीद में वहां की एक मस्जिद में चले गए, ताकि उन्हें शुरआती इलाज मिल सके। लेकिन इसकी भनक तालिबानी लड़कों को लगी, तो उन्होंने मस्जिद पर हमला कर दिया।

तालिबान ने दानिश को जिंदा पकड़ा था। लेकिन उन्हें मार दिया गया। उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले अफगानिस्तानी सेना के कमांडर और बाकी सदस्यों को भी मार डाला गया था। बता दें कि दानिश को पुलित्ज़र पुरस्कार मिल चुका था।

 

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