नई दिल्ली : अमेरिकी सैनिकों द्वारा अफगानिस्तान छोड़े जाने के बाद तालिबान लगातार पैर पसारता जा रहा है, जिससे वो पिछले कुछ दिनों से इंकार करता रहा है। लेकिन अभी जो तस्वीरें सामने आई है उसने तालिबान के कट्टरपंथी नीतियों दावे का पोल खोल कर रख दिया है। ताजा हमले में तालिबानी लड़ाकों ने पकतिया प्रांत में पवित्र गुरुद्वारा थाल साहिब की छत पर लगा धार्मिक झंडा, निशान साहिब हटा दिया है। तालिबान इस क्षेत्र में तबाही मचाते हुए आगे बढ़ रहा है लेकिन उसने निशान साहिब हटाने के आरोप का खंडन किया है।
तालिबान ने हटाया ऐतिहासिक गुरुद्वारे से झंडा
पकतिया के चमकनी में स्थित यह गुरुद्वारा सिख समुदाय में बेहद अहमियत रखता है। इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे में श्री गुरु नानक देव भी आ चुके हैं। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इसकी छत पर लगे निशान साहिब को तालिबान ने हटा दिया है। हालांकि, संगठन ने इस आरोप का खंडन किया है। तालिबान पर इस्लामिक कट्टरपंथ की लाइन पर चलते हुए दूसरे धर्मों के अपमान के आरोप लगते रहे हैं लेकिन संगठन ने हाल में खुद के बदलने का दावा किया है।
Reports – Nishan Sahib , Sikh religious flag removed by Taliban Forces from the roof of Gurdwara Thala Sahib , Chamkani , Paktia , Afghanistan. pic.twitter.com/BXfZwdbERe
— Naveen Kapoor (@IamNaveenKapoor) August 6, 2021
इलाके में रहा है आतंक
अफगानिस्तान के युद्धग्रस्त इलाकों में दशकों से अल्पसंख्यक अफगान सिखों और हिंदुओं के ऊपर अत्याचार जारी है। खासकर पकतिया का इलाका 1980 के दशक से मुजाहिदीन और तालिबान/हक्कानी समूह का गढ़ हुआ करता था। तालिबान का आतंक यहां इस कदर था कि अफगानिस्तान की सरकार का यहां कोई दखल नहीं था।
पकतिया में आगे बढ़ रहा
पिछले साल ही यहां से निदान सिंह सचदेव का अपहरण कर लिया गया था। वह सावन के महीने से पहले सेवा के लिए गुरुद्वारे पहुंचे थे। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। अमेरिकी सेना के जाने के बाद से तालिबान का तांडव और बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबानी लड़ाकों ने पकतिया में सरकारी सलाम टेलिकम्यूनिकेशन नेटवर्क के 11 टावरों को ध्वस्त कर दिया था। यहां पर लगे तकनीकी उपकरण भी जब्त कर लिए।