दिल्ली-NCR में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बीते दो दिनों से क्षेत्र में तेज आंधी, तूफान और जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
दिल्ली-NCR में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बीते दो दिनों से क्षेत्र में तेज आंधी, तूफान और जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अभी भी भारी बारिश का दौर चल रहा है, इसके साथ ही मौसम विभाग ने बिजली का भी अलर्ट जारी कर दिया है। मानसून ट्रफ की एक्टिविटी से यह बारिश हो रही है। प्रदेश के कुछ जिलों जैसे सागर, रीवा, मऊगंज में बारिश की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से आज उत्तराखंड में बारिश की संभावना जताई जा रही है। साथ ही आने वाले समय में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस कारण हिमालयी गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। कुछ जिलों में घरों तथा दुकानों में जलभराव हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भूस्खलन होने से लोगों के घरों के
उत्तराखंड के ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आज भी मौसम विभाग ने तीव्र वर्षा होने की आशंका जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार आज राज्य के कुछ क्षेत्रों जैसे देहरादून ,बागेश्वर ,चंपावत और नैनीताल में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज बारिष होने की संभावना जताई जा रही है।
आज उत्तरकाशी के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा के कारण येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं अन्य पांच जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी हुआ है। केदारनाथ से 4000 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया अभी भी तीर्थयात्री वहां फंसे हुए हैं।
केदारनाथ में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू जारी है। आज तीसरे दिन गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर दो शव बरामद हुए। वहीं तीसरे दिन अभी तक 300 लोगों का पैदल रेस्क्यू किया जा चुका है। एयरलिफ्ट के लिए चार हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं।केदारनाथ में फंसे करीब 150 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब तक 6,980 लोगों का रेस्क्यू हो चुका है। शुक्रवार को 2980 लोगों
मॉनसून के आगमन का इंतजार तो हर किसी को होता है। किसी के लिए मॉनसून का अनुभव अच्छा होता है तो किसी के लिए परेशानियों से भरा हुआ। इस साल गर्मी ने देश के कई हिस्सों में सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बारिश के बाद उमस भरी गर्मी ने लोगों को पसीने से तरबतर कर दिया है। कई जगहों में मॉनसून के कारण लोगों को पलायन करना पड़ रहा है।