अर्चना चिटनिस ने कहा कि जो दल अपनी ही बेटी को राजनीति में आगे बढ़ाने में दशकों लगा देते हैं, वे महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। संसद में कुछ दलों के नेताओं द्वारा इस बिल के विरोध में उनकी महिलाओं के प्रति सोच को दर्शाता है।
