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विधायक अर्चना चिटनिस का नारी शक्ति वंदन बिल पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला

अर्चना चिटनिस ने कहा कि जो दल अपनी ही बेटी को राजनीति में आगे बढ़ाने में दशकों लगा देते हैं, वे महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। संसद में कुछ दलों के नेताओं द्वारा इस बिल के विरोध में उनकी महिलाओं के प्रति सोच को दर्शाता है।

By: Naredra 
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विधायक अर्चना चिटनिस का नारी शक्ति वंदन बिल पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला

भोपालः भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक अर्चना चिटनिस ने नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में एक समय ऐसा भी रहा जब महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है और महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक भागीदारी देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

चिटनिस ने कहा कि 20 सितंबर 2023 को लोकसभा और 21 सितंबर 2023 को राज्यसभा में बिल पारित हुआ, जिसके बाद 27 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ यह कानून बना। उन्होंने इसे नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया। उनके अनुसार इस कानून के लागू होने से लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी और राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व मजबूत होगा।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो दल अपनी ही बेटी को राजनीति में आगे बढ़ाने में दशकों लगा देते हैं, वे महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में कुछ दलों के नेताओं द्वारा इस बिल के विरोध में आचरण उनकी महिलाओं के प्रति सोच को दर्शाता है।

चिटनिस ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल के दौरान चार बार इस तरह के कानून को लाने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस के विरोध के चलते यह संभव नहीं हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य सरकारों में भी प्रयास हुए, परंतु उन्हें सफलता नहीं मिली।

अंत में उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं, तो संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ाने में बाधा क्यों होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन कानून महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

भोपाल से संवाददाता सुनील मालवीय की रिपोर्ट

 

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