मध्य प्रदेश सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान के बावजूद सीहोर शहर के ऐतिहासिक कुएं और बावड़ियां उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं। कभी शहर की प्यास बुझाने वाले 100 से अधिक कुएं आज गंदगी, कचरे और मिट्टी से पटे पड़े हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अभियान केवल कागजों तक सीमित रह गया है।
