इराक में अमेरिकी हमले में मारे गए ईरान के ताकतवर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी को आखिरी विदाई देने के लिए उनके गृहनगर करमान की सड़कों पर लाखों लोगों का जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान भगदड़ मच गई और कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई, जबकि 48 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हैं। ऐसी खबरें हैं कि सुलेमानी के जनाजे के जुलूस में 10 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए।
करमान की सड़कों पर रेवॉल्यूशनरी गार्ड की विदेशी शाखा के कमांडर काफी संख्या में उन्हें विदाई देने के लिए आए थे। तेहरान, कोम, मशहद और अहवाज में भी सड़कों पर लाखों लोग मौजूद थे। सुलेमानी की विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग आजादी चौक पर जमा हुए थे, जहां राष्ट्रीय झंडे में लिपटे दो ताबूत रखे हुए थे। एक ताबूत जनरल सुलेमानी का था और दूसरा ताबूत उनके करीबी सहयोगी ब्रिगेडियर जनरल हुसैन पुरजाफरी का था। शीराज से अपने कमांडर को अंतिम विदाई देने के लिए करमान आए लोगों में से एक का कहना था, हम पवित्र सुरक्षा के महान कमांडर को श्रद्धांजलि देने के लिए आए हैं।
जुलूस में शामिल लोगों का कहना था कि, हज कासिम सुलेमानी से लोग ना सिर्फ करमान या ईरान में मोहब्बत करते थे, बल्कि पूरी दुनिया में लोक उनसे मोहब्बत करते थे। एक पूर्व सैनिक ने कहा कि, पूरी दुनिया, मुसलमानों, शियाओं, इराक, ईरान, सीरिया, अफगानिस्तान और खासतौर से ईरान, सभी अपनी सुरक्षा के लिए उनके अहसानमंद है।
आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश के बाद शुक्रवार को बगदाद हवाई अड्डे के पास ड्रोन हमले में सुलेमानी की मौत हो गई थी। हमले के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है और ईरान ने इसका बदला लेने की कसम खाई है।