रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: फ्रांस, स्विट्जरलैंड, बेल्जियम, हॉलैंड, जर्मनी के बाद श्रीलंका ने भी बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगा दी है। इसके साथ ही श्रीलंका की सरकार लगभग एक हजार से भी ज्यादा इस्लामिक स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। सरकार द्वारा लिया गया इस निर्णय से अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय पर पड़ेगा। इस बात की जानकारी पब्लिक सिक्योरिटी के मंत्री सरत विरासेकेरा ने एक न्यूज कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी।
आपको बता दें कि मंत्री सरत विरासेकेरा ने शुक्रवार को एक पेपर पर हस्ताक्षर किया। जिसमें मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले बुर्का पर प्रतिबंध लगाने की मंजूरी दी गई है। श्रीलंका सरकार ने यह फैंसला राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत लिया है। श्रीलंका से पहले स्विट्जरलैंड ने भी जनमत संग्रह कर बुर्के के पहनने पर प्रतिबंध लगाया दिया था।
मंत्री सरत विरासेकेरा ने कहा कि “हमारे शुरुआती दिनों में मुस्लिम महिलाएं व लड़कियां बुरका नहीं पहनती थीं। यह धार्मिक अतिवाद का प्रतीक है जो हाल में ही सामने आया है, हम इसे निश्चित तौर पर बंद कर देंगे।“ आपको बता दें कि चर्च और होटलों पर हमले के बाद साल 2019 में बौद्ध बहुल देश में बुर्का पहनने पर अस्थायी तौर पर पाबंदी लगाई गई थी। इन हमलों में 250 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
वीरासेकेरा ने आगे बताया कि सरकार हजार से अधिक मदरसा इस्लामिक स्कूलों पर रोक लगाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, “कोई स्कूल नहीं खोल सकता और कुछ भी नहीं पढ़ा सकता।“ इससे पहले श्रीलंकन सरकार मे पिछले साल कोविड महामारी से मरने मुस्लिम समुदाय के लोंगो को सरकार ने जलाने का आदेश दिया था। सरकार ने दफनाने पर पाबंद लगा दी थी और अब बुर्का व मदरसों पर रोक लगा रही है।