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बड़वानी में अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर विशेष कार्यक्रम, बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

बड़वानी के कुंडिया में अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर सांकेतिक भाषा महोत्सव आयोजित किया गया। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने सांकेतिक भाषा में नृत्य, अल्फाबेट और राष्ट्रगान प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा दिखाई। कार्यक्रम में बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा, विशेष शिक्षकों और सुविधाजनक छात्रावास की जरूरत पर जोर दिया गया।

By: Nivedita 
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बड़वानी में अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर विशेष कार्यक्रम, बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

बड़वानी। अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर बड़वानी के कुंडिया बसावट स्थित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के CWSN छात्रावास में सांकेतिक भाषा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और आशाग्राम ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

भारतीय संस्कृति में सांकेतिक भाषा की परंपरा का उल्लेख

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी निक्कू चौहान ने सांकेतिक भाषा के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में संकेतों के माध्यम से संवाद की परंपरा काफी पुरानी रही है और समय के साथ सांकेतिक भाषा ने आधुनिक स्वरूप भी अपनाया है। कार्यक्रम की शुरुआत दृष्टिबाधित छात्रा अंकिता द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति से हुई।

विशेष बच्चों की प्रतिभा ने मोहा मन

कार्यक्रम के दौरान मूक-बधिर छात्राओं भावना, ज्योति, रूपाली और सोनाली ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों ने सांकेतिक भाषा में अंग्रेजी अल्फाबेट और राष्ट्रगान प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों को देखकर उपस्थित लोगों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

 

विशेष शिक्षकों और छात्रावास की सुविधाओं पर जोर

आशाग्राम ट्रस्ट के सचिव डॉ. चक्रेश पहाड़िया ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विकास में प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष छात्रावास में आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति और बच्चों के अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि छात्रावास भवन और परिसर को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से प्रयास किए गए हैं। भविष्य में विशेष छात्रों के लिए भी छात्रावास संचालन की योजना प्रस्तावित है।

सामाजिक सहभागिता पर दिया गया संदेश

कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समान अवसर देने के लिए इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष डॉ. मदन सिंह सोलंकी, सामाजिक न्याय विभाग से देवेंद्र पंडित, सचिन दुबे, मनीराम नायडू, मनीष पाटीदार, पीएन पाटीदार, नरेंद्र सिंह सिसोदिया, रमेश यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

 

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