महज एक ट्वीट पर मदद का हाथ बढ़ाने वाले बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की दरियादिली के किस्से मुंबई से लेकर यूपी-बिहार तक चर्चा में रहते हैं। कोरोना काल में प्रवासियों को उनके घर भेजने के बाद सोनू सूद ने वाराणसी के नाविकों की भी आगे बढ़कर मदद की थी।
अब इस बॉलीवुड एक्टर ने देवरिया के एक गरीब छात्र के सपने को पूरा करने का बीड़ा उठाया है। देवरिया में एक छात्र कम्प्यूटर इंजीनियर बनकर मां के सपने को पूरा करना चाहता था, लेकिन उसकी गरीबी पढ़ाई के आड़े आ रही थी।
अब सोनू सूद ने छात्र की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च वहन करने का जिम्मा लिया है। एक्टर ने सूर्य प्रकाश से कहा कि मम्मी से बोल देना कि तेरा बेटा इंजीनियर बन रहा है।
मम्मी से बोल देना: “तेरा बेटा Engineer बन रहा है “ https://t.co/g7VY2CD6GN
— sonu sood (@SonuSood) October 5, 2020
सोनू सूद को टैग कर देवरिया के छात्र सूर्य प्रकाश यादव ने लिखा: “सर मेरे पापा नहीं हैं। मां गांव में आशा कार्यकर्ता हैं। हमारी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। परिवार की आय सालाना 40 हजार है। यूपी बोर्ड की 10वीं परीक्षा में मेरे 88 प्रतिशत और 12वीं में 76 प्रतिशत था।
मुझे पढ़ना है। प्लीज मेरी मदद कीजिए।” सोनू सूद ने भी छात्र को तुरंत रिस्पॉन्स किया और जवाब में लिखा: “मम्मी को बोल देना तेरा बेटा इंजीनियर बन रहा है।” सोनू सूद के इस ट्वीट पर यूजर्स जमकर रिएक्शन दे रहे हैं।
सूर्य प्रकाश ने बताया कि जब उन्होंने सोनू सूद को ट्वीट कर इंजिनियरिंग कॉलेज में एडमिशन करवाने में मदद की बात कही तो उन्होंने तुरंत रिस्पॉन्स दिया। उन्होंने ट्विटर हैंडल से सूर्य प्रकाश का कॉन्टैक्ट नंबर लिया और फिर उनसे बात की।
सोनू सूद की टीम ने मेधावी सूर्य प्रकाश को अपने पास बुलाया और पंजाब के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में उनका एडमिशन कराया। इसके साथ ही हॉस्टल का भी खर्च सोनू सूद उठाएंगे। सूर्य प्रकाश ने बताया कि सोनू सूद ने कहा है कि बस आप मन लगाकर पढ़ाई करो और अपने मां के सपने पूरे करो।
5 अक्टूबर को सोनू सूद ने लिखा, ‘मम्मी को बोल देना तेरा बेटा इंजीनियर बन रहा है।’ उसके बाद सूर्य प्रकाश को पंजाब बुलाकर उन्होंने एक हफ्ते पहले इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन करायाय़। इस समय सूर्य प्रकाश अपने घर पर बैठ कर ऑनलाइन क्लास कर रहा है और सोनू सुद को भगवान के बराबर का दर्जा दे रहा है। अब तक की पढ़ाई में छात्र सूर्य प्रकाश की मदद उसकी बहन आराधना यादव ने लोगों का कपड़ा सिलकर की।