पिछले कुछ सालों से एक तो वैसे ही चीन और अमेरिका के रिश्ते ख़राब चल रहे थे। ट्रेड वार के संकट से दुनिया उबरी भी नहीं थी कि कोरोना का संकट आ गया।
अब इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस चीन से कोरोना का संकट पैदा हुआ वो चीन आज उससे पीड़ित देशों की लिस्ट में टॉप 8 में भी नहीं है।

दूसरी और अमेरिका में अब तक इस बीमारी से 10 लाख से अधिक लोग पीड़ित है और 70 हज़ार से अधिक मारे जा चुके है, अब ऐसे में अमेरिका और चीन के रिश्तों में तल्खी आने लगी है।
कल ही अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ़ कहा की चीन ने इस वायरस को पैदा किया और उनके पास इस बात के सबूत है।
चीन की आंतरिक रिपोर्ट भी इशारा कर रही है की जुलाई अगस्त के बाद अमेरिका चीन के साथ कुछ बड़ा कर सकता है। इसमें ट्रेड वार से लेकर छोटे मोटे युद्ध की संभावना जताई गयी है।
वहीं अब अमरीकी प्रेजिडेंट ट्रंप ने भी कोरोना वायरस को चीन की बड़ी गलती करार दिया है। उन्होंने कहा है, चीन से दुनियाभर में फैला यह वायरस चीन की बड़ी गलती है।
जाहिर सी बात है ट्रंप अमेरिका की इस दशा का ज़िम्मेदार चीन को ही मान रहे है।
ज्ञात हो, अमेरिका की एक रिपोर्ट में आशंका जताया गया है कि आने वाले समय में कोरोना और भी खतरनाक साबित होगा और रोज़ 3000 से अधिक जाने जा सकती है।