मध्यप्रदेश के अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों की सराहना करते हुए कहा कि इन समझौतों में भारतीय किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि व्यापार समझौतों से किसान बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका से मक्का, गेहूं, चावल, सोयाबीन, दूध, पनीर या तंबाकू जैसे कृषि उत्पादों का आयात नहीं किया जाएगा। इससे देश के किसानों की उपज और बाजार दोनों सुरक्षित रहेंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कई सब्जियों और डेयरी उत्पादों को जानबूझकर व्यापार समझौतों से बाहर रखा गया है, ताकि घरेलू किसानों पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है-किसानों की आय, उत्पादन और बाजार की सुरक्षा।
सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने उपस्थित सभी किसान भाइयों और विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों से एक-दूसरे का हाथ पकड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और किसान-केंद्रित सोच का परिणाम हैं।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में प्रदेश के श्रेष्ठ और ऐतिहासिक स्थानीय उत्पाद अतिथियों को भेंट स्वरूप प्रदान किए गए। सम्मेलन का माहौल उत्साहपूर्ण और सकारात्मक रहा।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और संतुलित व्यापार नीति के जरिए भारत को आत्मनिर्भर बनाना और किसानों को समृद्ध करना सरकार का संकल्प है।