{ शामली से श्रवण सैनी की रिपोर्ट }
शामली जनपद में बीते कल पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 5 लोगों की मौत हो गई थी और इनमें से तीन महिलाओं के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके घर पर पहुंचे है, घर पर शव पहुंचने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और 5 लोगो की मौत के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है।
जिसके बाद परिजनों ने तीनों महिलाओं के शवों को चौपाल पर रख धरने पर बैठ गए हैं, परिजनों की मांग है कि तीनों महिलाओं की मौतों पर सरकार उचित मुआवजा दे और प्रशासन राहत कोष से तुरंत इस परिवार की मदद करें।
परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा वह शवों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे हालांकि एसडीएम कैराना व आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
दरअसल मामला कांधला थाना क्षेत्र के मोहल्ला रायजादगान का है, रायजादगान निवासी तीनों महिलाएं कांधला के दिल्ली सहारनपुर हाईवे स्थित फरमान फायर वर्क्स नाम की फैक्ट्री में मेहनत मजदूरी करती है।
फैक्ट्री का संचालन कांधला निवासी इंतजार नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, बीते कल अचानक फैक्ट्री में भयंकर विस्फोट हुआ और परखच्चे उड़ गए, फैक्ट्री में रखा सारा सामान धू-धू कर जलने लगा जिसमें फैक्ट्री मालिक व कर्मचारी शैंकी और तीन महिलाएं जिनके नाम नरेशो सरस्वती व निर्मला है इन सभी पांचों लोगों की फैक्ट्री विस्फोट में दर्दनाक मौत हो गई…जहां से सभी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था…और बाकी अन्य लोगों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था…
पोस्टमार्टम के बाद तीनों महिलाओं के शव उनके आवास पर पहुंचे हैं…महिलाओं की लाश को देखकर परिजनो में कोहराम मच गया है…और परिजन व आसपास के क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है…हजारों की संख्या में लोगों का मृतक महिलाओं के घर पर तांता लगा हुआ है…और हर किसी की आंखें नाम है…
फ़िलहाल परिजनों ने तीनों महिलाओं के शव को चौपाल पर रख धरने पर बैठ गए हैं…परिजनों की मांग है कि सरकार मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दे…और डीएम शामली राहत कोष निधि से उन्हें चेक प्रदान करें…
परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा वह तीनों महिलाओं के शवों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे…क्योंकि यह तीनों महिलाएं घर में मुख्य भूमिका में थी…और तीनों ही मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का लालन पालन कर रही थी…
हालांकि एक महिला को तो एक महा बाद अपनी बेटी की शादी करनी थी…लेकिन महिला की मौत के बाद और घर में कोई खाने कमाने वाला नहीं है…परिजनों को उम्मीद है कि शासन और प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा…फिलहाल प्रशासन के तमाम अधिकारी परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं…लेकिन परिजन है कि किसी की भी सुनने को तैयार नहीं है ।