Home देश आत्मनिर्भर भारत 3.0: वित्त मंत्री ने कुल 12 घोषणाओं का किया एलान, पढ़े

आत्मनिर्भर भारत 3.0: वित्त मंत्री ने कुल 12 घोषणाओं का किया एलान, पढ़े

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कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को ‘आत्मनिर्भर भारत 3.0’ का एलान किया। इस पैकेज के तहत आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का एलान किया गया है। इसके तहत कोविड रिकवरी फेज के तहत नई नौकरियों का सृजन किया जाएगा।

इसके तहत 12 नए राहत उपायों की घोषणा की गई। इनमें प्रमुख रूप से आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा की गई। इससे संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा। पंजीकृत EPFO प्रतिष्ठानों से जुड़ने वाले कर्मचारी को इसका लाभ मिलेगा।

इसका लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनका वेतन 15 हजार से कम है या जो पहले EPFO से नहीं जुड़े थे या जिनकी नौकरी 1 मार्च से 2020 से 30 सितंबर 2020 के बीच चली गई थी। यह योजना 1 अक्टूबर 2020 से 30 जून 2021 तक लागू रहेगी।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि 23 अक्टूबर तक बैंक क्रेडिट पिछले साल अक्टूबर के मुकाबले 5.1 फीसदी बढ़ा। पिछले साल अक्टूबर के मुकाबले इस साल अक्टूबर में GST कलेक्शन 10 फीसदी बढ़ा। वहीं बिजली की खपत में भी इजाफा हुआ है।

पिछले साल अक्टूबर के मुताबिक, इस साल बिजली की खपत में 12 फीसदी की तेजी आई है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 560 अरब डॉलर है जो अपने आप में रिकॉर्ड है। इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में RBI ने ग्रोथ का अनुमान बढ़ा दिया है।

आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत कोशिश थी कि One Nation One Ration Card शुरू किया गया था। 1 सितंबर से 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने यह लागू कर दिया है। यानी अब देश के किसी भी देश के मजदूर किसी भी जगह से राशन ले सकते हैं।

स्ट्रीट वेंडर के लिए अब तक 13.8 लाख लोन मंजूर किए गए हैं। यानी इतने लोगों को लोन मिला है। इन्हें कुल मिलाकर लगभग 13 करोड़ रुपए का लोन बांटा गया है। रेलवे में माल ढुलाई 20 प्रतिशत बढ़ी है। इसके साथ ही बैंक कर्ज वितरण में 5 प्रतिशत की बढ़त हुई है और शेयर बाजार ने भी रिकॉर्ड तोड़ा।

एफपीआई का नेट निवेश भी सकारात्मक रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार भी 560 अरब डॉलर के रिकॉर्ड पर पहुंच गया है।जीएसटी कलेक्शन बढ़ा है। अक्टूबर में इसमें सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की तेजी आई है। बैंक क्रेडिट में 23 अक्टूबर तक 5.1 प्रतिशत की तेजी आई है।

मूडीज ने इस वित्त वर्ष में भारतीय इकोनॉमी में 9.6 की गिरावट का अनुमान जताया था, जिसे उसने अब 8.9 कर दिया है। यह इस बात का संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है।

अर्थव्यवस्था की हालत में सुधार हुआ है। कोरोना वायरस के एक्टिव मामले 10 लाख से कम होकर 4.89 लाख हो गए हैं। मृत्यु दर भी घटकर 1.47 प्रतिशत हो गई है। किसान क्रे़डिट कार्ड योजना के तहत 1.57 लाख किसानों को 1.43 लाख करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

कोरोना के कारण हेल्थकेयर सेक्टर और 26 सेक्टरों के लिए क्रेडिट गारंटी सहायता योजना शुरू कर रहे हैं। संस्थाओं को बकाया लोन का 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त लोन मिलेगा। इसका भुगतान 5 साल में किया जा सकेगा।

10 सेक्टरों के लिए 1.46 लाख करोड़ रुपए की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव योजना शुरू की जा रही है। इससे रोजगार और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। पहले यह योजना 3 सेक्टरों में शुरू की गई थी।

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