दिल्ली में कोरोनावायरस और खतरनाक स्तर पर पहुंचते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने इस दीवाली पर पटाखे जलाने पर बैन लगा दिया है।
इसपर बीजेपी की ओर से धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप का जवाब देते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को कहा कि कोरोनावायरस जैसी महामारी 100 सालों बाद आई है, ऐसे में अगर एक साल पटाखे न भी जलाएं तो ठीक है।
उन्होंने कहा कि ‘उनको तो कुछ ना कुछ विरोध करना है, अगर हम बैन नहीं करते तो भी वो विरोध करते कि बैन क्यों नहीं किया। प्रदूषण बहुत ज़्यादा है, कोरोना जैसी महामारी की बात करें तो 100 साल बाद ऐसी महामारी आई है।
अगर एक साल पटाखे नहीं भी जलाएंगे तो ठीक है, भगवान का पूजन करो, भक्ति करो। भगवान श्री राम 14 साल के बाद वनवास से आए थे तो इसको ध्यान करिए। इस बार पूजन तो लाइव दिखाया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ पूजन करिए।’
पटाखे बैन पर उन्होंने कहा कि ‘सभी तरह के पटाखे बंद किए हैं 7 से 30 नवंबर तक, प्रदूषण और कोरोना दोनों खतरनाक चीजें हैं। नवंबर के महीने में तो कसम खा लें कि बिना मास्क के बाहर ना निकलें।
जब तक वैक्सीन नहीं आती मास्क को वैक्सीन की तरह इस्तेमाल करें। प्रदूषण की वजह से बैन किए गए हैं पटाखे। दीवाली के दिन जब पटाखे जलते हैं तो रात के 4-5 घंटे सांस भी नहीं ली जाती है, इतना बुरा हाल हो जाता है।’
केजरीवाल ने कहा, ‘दिल्ली में कोरोना की स्थिति और तैयारियों के लिए मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। त्योहार के मौसम और प्रदूषण के कारण संक्रमण के मामले बढ़े हैं।
दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने, चिकित्सा संबंधी आधारभूत ढांचा को चाक-चौबंद बनाने, दिल्ली सरकार के अस्पतालों में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड बढ़ाने का फैसला किया गया है।’
आप को बता दे कि इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री ने इस दिवाली पर दिल्लीवासियों से पटाखे नहीं चलाने की अपील की थी।