नई दिल्ली : सहारा समूह की कंपनी सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन और सुब्रत रॉय समेत उसके तत्कालीन निदेशकों को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास 2,000 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया है। ये आदेश प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने दिया है। ये भुगतान चार सप्ताह के भीतर करना होगा। सैट ने एक आदेश में कहा कि इस रकम को बाजार नियामक के एस्क्रो खाते में रखेगा।
सैट ने कहा कि रकम जमा करने के बाद कंपनी और उसके निदेशकों एएस राव एवं रनोज दास गुप्ता के खिलाफ कुर्की का आदेश वापस ले लिया जाएगा। दरअसल, वर्तमान अपील अक्तूबर, 2018 में पारित सेबी के एक आदेश के खिलाफ दायर की गई है।
इसमें सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन और उसके तत्कालीन निदेशकों को वैकल्पिक रूप से पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर जारी कर जुटाई गई 14,000 करोड़ की रकम को 15 फीसदी ब्याज के साथ वापस करने का निर्देश दिया गया था। मामला 1998 से 2009 के बीच करीब 2 करोड़ निवेशकों से बॉन्ड जारी कर रकम जुटाने से जुड़ा है।
दरअसल, यह अपील अक्टूबर, 2018 में सेबी के एक आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। इस आदेश में सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड और उसके पूर्व निदेशकों को 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वैकल्पिक पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करके कंपनी द्वारा जुटाए गए 14,000 करोड़ रुपये वापस करने के लिए कहा गया था।