नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विपक्ष और भाजपा एक दूसरे पर जमकर बरस रही है। जहां एक तरफ कांग्रेस इस कानून का विरोध कर रही है और इसे वापस लेने की मांग कर रही है तो वहीं, भाजपा का कहना है कि विपक्षी दल इस कानून को लेकर लोगों में अफवाह और भ्रम फैला रहे हैं। बुधवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीजेपी ने इस कानून को लेकर जागरूकता रैली का आयोजन किया था। इस रैली ने केंद्रीय मंत्री और मुजफ्फरनगर से सांसद संजीव बालियान ने एक विवादित बयान देते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से कहा कि, वे जेएनयू और और जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पश्चिम उत्तर प्रदेश का 10 प्रतिशत आरक्षण दिलवा दें तो यहां के लोग सबका इलाज कर देंगे।
बालियान रैली को संबोधित करते हुए कहा कि, मैं राजनाथ सिंह से निवेदन करता हूं कि, जो जेएनयू, जामिया में देश के विरोध में नारे लगते हैं, इनका इलाज एक ही है। पश्चिम उत्तर प्रदेश का वहां पर 10 प्रतिशत आरक्षण करवा दो, सबका इलाज कर देंगे। किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, इसी रैली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, किसी भी भारतीय मुसलमान को कोई छू तक नहीं पाएगा और उन्होंने इस आशंकाओं को नकारा कि अगर एनपीआर और एनआरसी को लाया जाता है तो समुदाय को निशाना बनाया जाएगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि, हम सरकार नहीं, बल्कि देश बनाने के लिए राजनीति करते हैं। पिछली सरकार में हमने नागरिकता संशोधन कानून बनाया था लेकिन उस दौरान यह लागू नहीं हो सका था और इस बार हमने इसे कर दिखाया। इस कानून को अब हिंदू और मुस्लिम के नजरिए से देखा जा रहा है। हमारे प्रधानमंत्री धर्म से इतर न्याय की बात करते हैं। गांधी जी ने भी कहा था कि धर्म के आधार पर विभाजन नहीं होना चाहिए। टुकड़े-टुकड़े करने के नारे लगाए जा रहे हैं। सारी दुनिया भारत की ताकत स्वीकार कर रही है।
गौरतलब हो कि, इस कानून को लेकर देशभर के कई राज्यों में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ था, कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसा में बदल गया था, वहीं, दिल्ली में भी इस कानून को लेकर अब भी शाहिनबाग में प्रदर्शन हो रहा है। लेकिन खास बात यह है कि ऐसे कई वीडियोज़ वायरल हुए थे जिसमें प्रदर्शन करने आए लोगों को पता ही नहीं है कि आखिर यह कानून है क्या, यह कानून किसके लिए है। वहीं, बीजेपी भी विपक्षी दल पर लगातार आरोप लगा रही है कि वो इस कानून को लेकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। और अब बीजेपी ने जागरूता रैली निकालकर जनता तक इस कानून के बारे में सही जानकारी देने का प्रयास कर रही है।