ग्वालियर के बेला की बावड़ी क्षेत्र में सोमवार को कुशवाह समाज के छात्रावास सह सामुदायिक भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संबोधन के दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए काले झंडे दिखाए। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कुछ लोगों के बीच विवाद की स्थिति बन गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
कार्यक्रम में सिंधिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। उनके संबोधन के दौरान कुछ युवाओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया और काले झंडे दिखाए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विरोध करने वालों की आपत्ति कार्यक्रम में सिंधिया को मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर थी। प्रदर्शनकारियों की ओर से कार्यक्रम में कुशवाह समाज से जुड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों को प्रमुख भूमिका दिए जाने की मांग का उल्लेख किया गया है।
काले झंडे दिखाए जाने के बाद कार्यक्रम स्थल पर विरोध कर रहे लोगों और सिंधिया समर्थक बताए जा रहे कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति बिगड़ने पर धक्का-मुक्की और हाथापाई की खबरें सामने आईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और कुछ लोगों को वहां से हटाकर थाने ले गई। हालांकि, घटना के दौरान मारपीट को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस की ओर से मामले में विस्तृत कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी फिलहाल स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।

घटना के बाद मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रभावशाली नेताओं के बहकावे में आकर युवाओं को इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में कहा कि कुशवाह समाज किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है और समाज के व्यापक हित में सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
हंगामे के बावजूद भूमिपूजन कार्यक्रम आगे बढ़ा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कुशवाह समाज के छात्रावास सह सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के तहत करीब 1.06 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सिंधिया ने भी कार्यक्रम के दौरान अपनी निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और तुलसीराम सिलावट समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। छात्रावास सह सामुदायिक भवन को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सुविधाओं से विकसित करने की बात कही गई। भूमिपूजन समारोह के दौरान हुए विरोध और उसके बाद की घटनाओं ने ग्वालियर में स्थानीय स्तर पर चर्चा को बढ़ा दिया है। फिलहाल घटना को लेकर सामने आए विभिन्न पक्षों और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।