राजधानी भोपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन की सामान्य सभा की बैठक भी संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने की, जबकि राज्य मंत्री राधा सिंह विशेष रूप से मौजूद रहीं।बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, गुणवत्ता, निगरानी और जवाबदेही को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री प्रह्लाद पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां तय समय सीमा में पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण रोजगार और आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में अहम है।
बैठक में मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक माह फील्ड विजिट अनिवार्य रूप से करें और योजनाओं की वास्तविक स्थिति को धरातल पर जाकर परखें। उन्होंने कहा कि जिलों में किए गए अच्छे नवाचारों को अन्य जिलों में भी लागू किया जाए। यदि कहीं कोई अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है, तो उस पर तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंत्री प्रह्लाद पटेल ने निर्देश दिए कि सभी जिलों के कार्य प्रदर्शन के आधार पर प्रतिमाह ग्रेडिंग की जाए और उसकी सूची जारी की जाए। इससे अधिकारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित होगी और योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि तकनीकी अमला सतत निगरानी रखे, ताकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और टिकाऊ हों।
मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं का प्रभाव तभी दिखेगा, जब उनका सही और समय पर क्रियान्वयन होगा। यह बैठक भोपाल में ग्रामीण विकास और स्वच्छता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।