भीषण गर्मी के बीच बड़वानी जिले के कई वार्डों में पानी की किल्लत से हालात बिगड़ गए हैं। जिला मुख्यालय के कई वार्डों में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच पिछले कई दिनों से घरों तक पानी नहीं पहुंचने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति ऐसी बन गई है कि वार्डवासी अपनी दैनिक जरूरतों के लिए निजी टैंकरों और आसपास के जल स्रोतों पर निर्भर होने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले चार से पांच दिनों से अधिकांश घरों की पेयजल लाइन में पानी नहीं आया है। लगातार जल आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और उन्हें महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है।
वार्ड की महिलाओं का कहना है कि पानी की कमी के कारण उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है। कई बार तेज धूप में सिर पर बर्तन रखकर पानी ढोना पड़ता है, जिससे समय और श्रम दोनों की अधिक खपत हो रही है। पानी जुटाने में लगने वाले समय के कारण घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

रहवासियों का कहना है कि लगभग 500 घरों की आबादी वाले वार्ड में एक-दो टैंकरों से पर्याप्त जल आपूर्ति संभव नहीं है। लोग आसपास के क्षेत्रों में लगे ट्यूबवेल और अन्य सार्वजनिक जल स्रोतों से पानी भरकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पेयजल पाइपलाइन में खराबी है, मोटर खराब हुई है या कोई अन्य तकनीकी समस्या है। इस संबंध में शिकायतें किए जाने के बावजूद अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
रहवासियों का आरोप है कि समस्या की जानकारी देने के बावजूद न तो संबंधित कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं और न ही वार्ड स्तर पर कोई ठोस समाधान सामने आया है। इस कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विपक्षी नेताओं ने भी नगर की पेयजल व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जलकर में बढ़ोतरी के बावजूद नागरिकों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनहित में आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं।
वार्डवासियों ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि पेयजल संकट के कारणों की तत्काल जांच कर नियमित जल आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि भीषण गर्मी के इस दौर में लोगों को राहत मिल सके।