गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए एक अनूठी पहल की है। ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत कूड़े-कचरे से भरे एक स्थल की सफाई कर उसे प्लांट बैंक के रूप में विकसित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक रूप से उगने वाले पौधों को संरक्षित करना और उन्हें दोबारा उपयोग में लाना है।
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर मुख्यालय समेत लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 20 सितंबर को ‘स्वच्छता में सहभागिता, स्वच्छ भारत-विकसित भारत’ थीम के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। गोरखपुर मुख्यालय के ईएनएचएम विंग ने प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर कार्यालय परिसर के बगीचे में प्लांट बैंक की शुरुआत की। समाजसेविका पुष्पलता सिंह ‘अम्मा’ ने इसका उद्घाटन किया, जबकि प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर रवीश कुमार ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्लांट बैंक के लिए जिस स्थान का चयन किया गया, वहां पहले कूड़ा-कचरा जमा रहता था। अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रमदान के माध्यम से जगह की सफाई की और उसे नए स्वरूप में तैयार किया। अब इस स्थान पर ऐसे पौधों को सुरक्षित रखा जाएगा, जो नालों, खाली जमीन या अन्य अनुपयोगी स्थानों पर अपने आप उग आते हैं। देखभाल के अभाव में अक्सर ये पौधे नष्ट हो जाते हैं।
रेलवे के इस प्लांट बैंक में ऐसे पौधों को रेस्क्यू कर लाया जाएगा, जिन्हें दूसरी जगहों पर उचित वातावरण मिलने पर विकसित किया जा सकता है। यहां पौधों की देखभाल के बाद उन्हें जरूरत के अनुसार रेलवे परिसर या अन्य उपयुक्त स्थानों पर लगाया जाएगा। इससे पौधों के संरक्षण के साथ-साथ रेलवे परिसरों में हरियाली बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

इस पहल में स्वच्छता अभियान को केवल कचरा हटाने तक सीमित नहीं रखा गया है। जिस स्थान से गंदगी हटाई गई, उसे पर्यावरण के अनुकूल और उपयोगी बनाने की दिशा में भी काम किया गया है। प्लांट बैंक के जरिए एक ओर कचरा प्रभावित स्थान का कायाकल्प हुआ है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक रूप से उगने वाली वनस्पतियों के संरक्षण का प्रयास भी किया जा रहा है।
स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत पूर्वोत्तर रेलवे के चारों मंडलों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं। लखनऊ मंडल में स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों, अस्पतालों और कोचिंग डिपो में सफाई के साथ जागरूकता कार्यक्रम हुए।वाराणसी मंडल में स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और रेलवे ट्रैक के आसपास कचरा संवेदनशील स्थानों की पहचान कर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। वहीं इज्जतनगर मंडल में स्टेशन मार्गों, यार्ड, रेलवे कॉलोनियों और ट्रैक के आसपास करीब 950 स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया।
रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता आधारित सेल्फी पॉइंट भी तैयार किए गए, ताकि यात्रियों और कर्मचारियों को अभियान से जोड़ा जा सके। हल्द्वानी स्टेशन पर जनसहयोग से सफाई और पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान लोगों को कचरे के उचित निस्तारण, स्वच्छ रेलवे परिसर और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।