{ भगत सिंह की रिपोर्ट }
4 तारीख को सरकार द्वारा सरकारी शराब की दुकानें खोलने के आदेश के बाद शराब के लिए लगी लाइनों और शराबियों द्वारा खरीद कर शराब पीने के बाद बाँदा में उसका पहला रिएक्शन देखने को मिला।
जहां बांदा जनपद के पैलानी थाना अंतर्गत निवाईच गांव में दो युवकों ने शराब के नशे में पहले तो दलित के दरवाजे में जाकर गाली दी और जब दलित ने मना किया तो उसके दरवाजे में ही तमंचे से गोली मार दी।
42 दिनों बाद खुली शराब की दुकानों से प्रभात सिंह और शिवम ने शराब लेकर पहले दोनों ने जमकर शराब पी और देर रात दलित बहोरी वर्मा उम्र 55 वर्ष के दरवाजे में पहुंचकर गाली गलौज करने लगे।
तभी देर रात बहोरी में दरवाजे पर निकल कर उन्हें रोका तो दोनों युवकों ने बहोरी को गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल बहोरी को बाँदा के जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने बहोरी को मृत घोषित कर शव मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया।
परिजनों ने बताया कि दोनों युवक गांव के ही रहने वाले हैं जो देर रात शराब पीकर दरवाजे में गाली गलौज कर रहे थे और मना किया तो दोनों ने तमंचा निकालकर गोली मार दी।