भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद और सैन्य तनाव का मामला अचानक से गरमा गया है। सोमवार रात पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी क्षेत्र में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झपड़ में भारत के 20 जवान शहीद हो गए है। वहीं चीन के 43 सैनिक मारे गए या गंभीर रूप से घायल हो गए।
एशिया की दो महाशक्तियों के बीच इस टकराव पर पूरी दुनिया की नजर है। दुनिया भर के मीडिया संस्थानों ने इस घटना को कवर किया और अपने अपने नजरिए पेश कर रहे है। अधिकार मीडिया संस्थानों का कहना है कि इसका असर पूरी दुनिया पर हो सकता है तो तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका भी जताई गई।
अमेरिका के अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि दो सबसे अधिक आबादी वाले देशों के बीच इस विवाद का असर पूरी दुनिया पर हो सकता है। वाशिंगटन पोस्ट ने एलएसी पर हालात खराब होने के पीछे का कारण चीन की आक्रमण पेट्रोलिंग को बताया है।
वहीं ब्रिटेन के मीडिया संस्थान एक्सप्रेस ने इस घटना को लेकर कहा है कि भारत और चीन के बीच इस हिंसक टकराव ने तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। एक्सप्रेस के मुताबिक अगर युद्ध होता है तो यह केवल दो देशों के बीच सीमित होगा, बल्कि पूरी दुनिया इसकी जद में आएगी।
चीन की कम्युनिस्ट सरकार के अखबार के प्रधान संपादक हू जिजिन ने ट्वीट कर स्वीकार किया है कि भारत और चीन सीमा पर संघर्ष के दौरान चीनी पक्ष को नुकसान हुआ है। उसने यह नहीं बताया कि हिंसक झड़प में चीन के कितने सैनिक मारे गए है।