सीमा पर चीन से चल रही डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज दो दिवसीय दौर पर लद्दाख पहुंचे. इस दौरान रक्षा मंत्री चीन से सटी एलएसी का जायजा लिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और थलसेना प्रमुख, जनरल एम एम नरवणे भी मौजूद रहे।
दरअसल गलवान की घटना के बाद राजनाथ पहली बार लद्दाख का दौरा कर रहे हैं. 15 जून को गलवान घाटी में चीन से झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे।
भारतीय जवानों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत जारी है, लेकिन इसका कहां तक हल निकल सकता है इसकी मैं गारंटी नहीं दे सकता।
लेकिन मैं आपको इतना जरूर आश्वस्त कर सकता हूं कि दुनिया की कोई भी ताकत हमारी एक इंच भी जमीन हमसे नहीं ले सकती है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत से विवाद को सुलझा लिया जाता है तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है।
बताते चले, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख का अचानक दौरा कर चीन के साथ सीमा विवाद से निपटने में कड़ा सन्देश चीन को दे दिया था।