कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लगातार बीजेपी और पीएम मोदी की नीतियों पर हमला बोल रहे है। उन्होंने हाल ही में इकॉनोमी को लेकर एक केम्पेन शुरु कर दिया है जिसमे वो अपने ट्विटर अकाउंट पर वीडियो सन्देश जारी कर रहे है।
आज भी उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो सन्देश जारी किया जिसमें उन्होंने आज से 4 साल पहले की गई नोटबंदी पर सवाल खड़े किए। आपको बता दे कि आज से 4 साल पहले आठ नवम्बर को पीएम मोदी ने नोटबंदी करते हुए पांच सौ और हज़ार के नोट अमान्य घोषित कर दिए थे जिसके बाद पूरा देश बैंकों के बाहर लाइन में खड़ा हो गया था।
मोदी जी का ‘कैश-मुक्त’ भारत दरअसल ‘मज़दूर-किसान-छोटा व्यापारी’ मुक्त भारत है।
जो पाँसा 8 नवंबर 2016 को फेंका गया था, उसका एक भयानक नतीजा 31 अगस्त 2020 को सामने आया।
GDP में गिरावट के अलावा नोटबंदी ने देश की असंगठित अर्थव्यवस्था को कैसे तोड़ा ये जानने के लिए मेरा वीडियो देखिए। pic.twitter.com/GzovcTXPDv
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 3, 2020
आज राहुल गाँधी ने अपने वीडियो में कहा कि नोटबंदी देश के गरीब, किसान, मजदूर और छोटे दुकानदार पर हमला है और नोटबंदी ने देश की असंगठित अर्थव्यवस्था है। 8 नवंबर 2016 को रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया।
आगे उन्होंने वीडियो में कहा कि क्या कालाधन मिटा? नहीं , देश की गरीब जनता को नोटबंदी से क्या फायदा हुआ? जवाब कुछ नहीं. तो फायदा किसे हुआ. फायदा में देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों को मिला। कैसे? सरकार ने बैंक के जरिए आपकी जेब से पैसा निकालकर उद्योगपतियों का कर्जा माफ करने के लिए किया।