रिपोर्ट:खुशी पाल
उत्तराखंड: पीछले कुछ दिनों से देश में कोरोना के मामलो की संख्या में गिरावट आ रही है। वहीं, इस बीच विधानसभा चुनाव होने के कारण चुनाव प्रोटोकॉल में बदलाव किए गए थे। आपको बता दें कि चुनाव प्रचार में राजनीतिक दलों को थोड़ी राहत मिली है।
आपको बता दें कि हाल ही में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू से बातचीत के दौरान पता चला कि नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की गई है। इसके अंतर्गत राजनीतिक दल और सभी प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार करने की समयावधि बताई गई है। आपको बता दें कि सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक पार्टियां प्रचार कर सकेंगे। इसके अलावा इस प्रोटोकॉल में कहा गया है कि हॉल के भीतर सभा करने पर 50 फीसदी व्यक्तियों और खुले में सभा करने पर मैदान की क्षमता के 30 फीसदी व्यक्तियों के जमा होने की छूट है।

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जारी SOP में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों में प्रतिबंधित गतिविधियों के संचालन की अनुमति नहीं होगी। खुले मैदान में अब प्रत्याशियों के लिए एक हजार लोगों की बाध्यता नहीं है।

सभी प्रत्याशी मैदान की क्षमता के केवल 30 फीसदी या उस जिले के डीएम की ओर से निर्धारित संख्या के आधार पर भीड़ जमा कर सकते है उससे अधिक नहीं। इसके अलावा इनडोर हॉल में भी अब 500 लोगों के नियम को हटा दिया गया है। इसकी संख्या को घटाकर हॉल की क्षमता के 50 फीसदी लोगों के साथ सभा करने की इजाजत दी गई है।
इसके अलावा प्रोटोकॉल में कहा गया कि सभी राजनीतिक दलों और स्थानीय प्रशासन को पूरी जनसभा के दौरान पूरी सावधानी बरतने होगी और कोविड नियमों का सख्ती से पालन करना है। प्रोटोकॉल में यह साफ-साफ कहा गया है कि जनसभाओं और बैठकों में लोगों के आने-जाने के लिए अलग-अलग द्वार रखने होंगे। मास्क और कोरोना से बचाव के तय मानकों के मुताबिक शारीरिक दूरी का भी पालन सुनिश्चित करना होगा। थर्मल स्क्रीनिंग और साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
नए प्रोटोकॉल में कहा गया है कि प्रदेश में 14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों में कम से कम 50 हजार सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में पूरा सर्तकता बरती जाएगी। वहीं, आपको बता दें कि 14 फरवरी को 50 हजार सुरक्षा बलों के साथ इनमें 16,000 पुलिस कर्मी राज्य पुलिस तैनात रहेंगे, केंद्र से 110 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की रहेंगी। आपको बता दें कि पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों का आंकलन किया जा चुका है। संवेदनशील 1034 बूथ हैं तो वहीं, अतिसंवेदनशील बूथों की संख्या 808 है।
