28 वर्षों के बाद कुबेरेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक होते ही भव्य राम के मंदिर बनने के रास्ता साफ़ हो गया है। यह सर्व विदित है की शिव राम के आराध्य और राम शिव के। बिना शिव की पूजा राम जी का कोई काम शुरू नहीं हो सकता है।
कुबेरेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया जा चुका है और दो जुलाई को भव्य राम मंदिर के शिलान्यास को लेकर साधुओं में जबरदस्त उत्साह है।
इसी बीच अखाड़ा परिषद का एक अहम बयान आया है। आपको बता दे, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि ने कहा की भव्य राम मंदिर के शिलान्यास में अगर योगी और मोदी दोनों एक साथ आते है तो उन्हें बड़ी प्रसन्नता होगी।
ज्ञात हो, 500 साल से भी पुराने राम मंदिर विवाद का निपटारा करते हुए कोर्ट ने पिछले साल नवम्बर में पूरी 67 एकड़ ज़मीन राम लला विराजमान को दे दी थी।