रिपोर्ट- पल्लवी त्रिपाठी
नई दिल्ली : अगर आपसे कोई कहे कि वो पूरे 3 महीने से पॉटी नहीं गया। तरह आप क्या कहेंगे। आप सोच रहे होंगे की ये कैसा सवाल है, लेकिन ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहाँ युवक 3 महीने से हल्का ही नहीं हुआ है। दरअसल, साल 2021 में अप्रैल के महीने को बॉवल कैंसर यानी पेट के कैंसर को लेकर जागरूक करने के लिए डेडिकेट किया गया है।
ऐसे में जैस्मिन डोनोवन नाम की एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपने बॉयफ्रेंड की कहानी शेयर की। पिछले साल पेट के कैंसर से जैस्मिन के प्रेमी नाथन प्रीचार्ड की मौत हो गई थी। जैमिन बताती है कि कैसे दोनों के साथ-साथ डॉक्टर्स भी इस बीमारी को पेट दर्द समझते रहे। हालांकि, काफी दिनों बाद जब पता चला कि नाथन कैंसर से पीड़ित है, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसका इलाज नहीं हो सकता था।

जैस्मिन की मानें तो नाथन को पेट दर्द की समस्या होती रहती थी। अक्सर उसके पेट में दर्द होता तो वो नॉर्मल कॉन्स्टिपेशन की दवा खा लेता था। जिससे पहले तो उसे थोड़ा आराम मिल जाता था। लेकिन इसके बाद उसे लगातार तीन महीने तक पॉटी ही नहीं हुई। जब भी वो डॉक्टर के पास जाता, तो उसे कॉन्स्टिपेशन की दवा देकर भेज दिया जाता था।
जैस्मिन ने आगे बताया, तीन महीने तक लगातार पॉटी ना होने से नाथन की हालत काफी खराब हो गई थी। उसका वजन तेजी से घटने लगा था। इसके बाद जब नाथन के पेट को स्कैन किया गया तो पता चला कि पेट के अंदर ट्यूमर हो गया था, जो पॉटी को रोक रहा था। इस ट्यूमर का पहला पता नहीं चला, जिसका नतीजा हुआ कि नाथन बॉवल कैंसर की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गयी।
विशेषज्ञों की मानें तो बॉवल कैंसर के सिम्प्टम पहले कॉन्स्टिपेशन जैसे ही होते हैं। लेकिन बाद में यह काफी नुकसान देह हो जाता है। इसमें पेट के अंदर ब्लीडिंग होने लगती है। साथ ही पॉटी होना बंद हो जाता है। लोगों का वजन भी तेजी से घटने लगता है। इंसान हमेशा खुद को कमजोर और बीमार सा महसुस करने लगता है। पेट में मरोड़ उठने लगता है। नाथन की मौत के बाद उसकी प्रेमिका और घर वाले लोगों को इस कैंसर के प्रति जागरूक कर रहे हैं।