बुरहानपुर जिले की नेपानगर विधानसभा में उस समय राजनीतिक माहौल गर्म हो गया जब निंबोला गांव के पास कुछ स्थानों पर स्थानीय विधायक मंजू राजेंद्र दादू के नाम और तस्वीर के साथ “लापता विधायक” लिखे पोस्टर दिखाई दिए। पोस्टरों के सामने आते ही क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और मामला जल्द ही राजनीतिक विवाद का रूप ले बैठा।
जानकारी मिलते ही विधायक समर्थक मौके पर पहुंचे और पोस्टरों को हटा दिया। हालांकि, पोस्टरों की तस्वीरें और चर्चा क्षेत्र में फैल चुकी थीं, जिसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।
पोस्टर प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जनता अपने जनप्रतिनिधियों से नियमित संवाद और समस्याओं के समाधान की अपेक्षा करती है। उनका आरोप है कि जनता के बीच बढ़ती नाराजगी ही इस तरह की घटनाओं का कारण बन रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र में अधिक सक्रिय रहकर जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, ताकि लोगों में असंतोष की स्थिति पैदा न हो।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नेपानगर की विधायक क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और विभिन्न विकास कार्यों तथा जनसमस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल दे रही है और जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पोस्टर किसने लगाए और इसके पीछे किसका हाथ है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है और राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
‘लापता विधायक’ पोस्टर विवाद ने नेपानगर की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर चर्चा का विषय बना रह सकता है।