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पेगासस हैकिंग मामले में विपक्ष के विरोध के बीच पीएम मोदी का बड़ा ‘ट्रंप कार्ड’, बंद की कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बोलती

पेगासस हैकिंग मामले में विपक्ष के विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है, जिसने विपक्षी पार्टियों की बोलती बंद कर दी है। दरअसल पीएम मोदी ने राजीव गांधी खेल रत्न आवार्ड का नाम बदलकर ‘मेजर ध्यानचंद’ कर दिया गया है। आपको बता दें कि मेजर ध्यानचंद वो खिलाड़ी है, जिनके सामने अंग्रेज भी घुटने टेंकने को मजबूर हुए थे और उन्होंने उस परिस्थिति में हॉकी में भारत को पदक दिलाई।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : पेगासस हैकिंग मामले में विपक्ष के विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है, जिसने विपक्षी पार्टियों की बोलती बंद कर दी है। दरअसल पीएम मोदी ने राजीव गांधी खेल रत्न आवार्ड का नाम बदलकर ‘मेजर ध्यानचंद’ कर दिया गया है। आपको बता दें कि मेजर ध्यानचंद वो खिलाड़ी है, जिनके सामने अंग्रेज भी घुटने टेंकने को मजबूर हुए थे और उन्होंने उस परिस्थिति में हॉकी में भारत को पदक दिलाई।

गौरतलब है कि टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने 41 साल बाद पदक जीतकर जहां इतिहास रचा, वहीं महिला हॉकी खिलाड़ी ने भी सेमीफाइनल में पहुंचकर ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज की। पीएम मोदी ने भी इस ऐतिहासिक मौके को लपकते हुए राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार रख दिया।

चक दे इंडिया की धूम के बीच मास्टर स्ट्रोक

आपको बता दें कि पीएम मोदी को अकसर चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जाना जाता है। मौका भी और दस्तूर भी वाली कहावत को सिद्ध करते हुए पीएम मोदी ने राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड का नाम बदलने में जरा भी देर नहीं लगाई। हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल रत्न अवॉर्ड करने के साथ ही पीएम ने विपक्ष को कहीं ना कहीं चुप कर दिया है।

 

पीएम मोदी ने किया ट्विटर पर ऐलान

पीएम मोदी ने ऐलान किया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर होगा। पीएम ने कहा कि मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल रत्न पुरस्कार का नाम रखने के लिए देश भर के नागरिकों से अनुरोध मिल रहे हैं। उनकी भावना का सम्मान करते हुए खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा।

‘पीढ़ियों के लिए प्रेरणा, ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए पुरस्कार’

पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है, जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। जय हिंद!’

राहुल ने साध ली चुप्पी

वहीं जब इस लेकर राहुल गांधी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, ‘संसद में हम पेगासस पर बात करना चाहते हैं। वहां पर वह पेगासस की बात नहीं होने दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी जी हर हिंदुस्तानी के फोन के अंदर घुसे हैं। यहां पर हम हिंदुस्तान के सब किसानों को अपना पूरा समर्थन देने आए हैं।’ वहीं राहुल जब वहां से जाने लगे तो उनसे पूछा गया कि आज खेल रत्न अवॉर्ड का नाम बदला गया है। इस पर राहुल ने पूछा कि क्या कहा है। तो संवाददाता ने कहा कि मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड कर दिया है। इस पर राहुल तुरंत बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ गए।

ध्यानचंद जयंती से पहले विपक्ष के विरोध को किया कुंद

बता दें कि इसी महीने मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 29 अगस्त को खेल दिवस भी है। मेजर ध्यानचंद ने तीन ओलिंपिक में कुल 39 गोल किए थे। बर्लिन में 1936 के अपने आखिरी ओलिंपिक में हॉकी के जादूगर ने 13 गोल दागे थे। फाइनल में हिटलर की मौजूदगी में जर्मनी को 8-1 से शिकस्त देकर भारत ने गोल्ड हासिल किया था। तब दूसरे हाफ में ध्यानचंद ने गोलों की बौछार कर दी थी। ऐसे में मोदी सरकार के फैसले की विपक्ष आलोचना भी नहीं कर सकता। ये ऐसा कदम है जिसकी सिर्फ तारीफ ही हो सकती है।

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