प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में मोदी ने 21 दिन के लॉकडाउन की वजह से परेशानी झेल रहे लोगों से माफी मांगी। साथ ही कहा कि यही एक तरीका है कोरोना को हराने का। बता दें कि, कोरोना पर देश के नाम मोदी का यह तीसरा संबोधन रहा।
पीएम मोदी की प्रमुख बातें
- देश से माफी मांगता हूं, मुझे पता है आप माफ करेंगे। ऐसे निर्णय लेने पड़े जिससे आपको दिक्कत हो रही।
- भारत जैसे 130 करोड़ आबादी वाले देश को बचाने के लिए ये कठोर कदम उठाने पड़े, इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं था
- गरीब भाई-बहन को लगता होगा कि कैसा प्रधानमंत्री है, हमें मुसीबत में डाल दिया। घर में बंद कर दिया।
- कुछ लोग स्थिति की गंभीरता नहीं समझ रहे हैं, लॉकडाउन तोड़ेंगे तो मुश्किल हो जाएगा।
- पीएम मोदी ने कहा, दुनिया की स्थिति देखकर लगता है कि लॉकडाउन की एकमात्र रास्ता है।
- पीएम मोदी ने कहा कि, कोरोना वायरस के मरीज अचानक बढ़ जाते हैं जिसकी वजह से लोगों को खास ख्याल रखना है।
- पीएम मोदी ने उन लोगों का शुक्रिया करने को कहा जो जरूरी चीजों की सर्विस में लगे हुए हैं। यहां मोदी ने बैंकिंग सेक्टर, ई कॉमर्स, छोटी परचून की दुकान, वर्कर आदि का जिक्र किया।
- आखिर में पीएम मोदी ने कहा, मानवता दिखाएं, कहीं गरीब दिखेगा तो पहले उसका पेट भरे। हिंदुस्तान यह कर सकता है। यह हमारे संस्कार।
बता दें कि, कोरोना के बड़ते संक्रमण को देखते हुए पीएम मोदी ने 21 दिनों के लिए लॉकडाउन का एलान किया था। साथ ही, पीएम मोदी ने मन की बात मे लोगों से बात की, जो कोरोना वायरस के संक्रमण में आए और इलाज करवा कर ठीक हुए। पीएम मोदी ने कहा मुझे कुछ ऐसी घटनाओं का पता चला है जिनमें कोरोना वायरस के संदिग्ध या फिर जिन्हें home quarantine में रहने को कहा गया है, उनके साथ कुछ लोग बुरा बर्ताव कर रहे हैं, ऐसी बातें सुनकर अत्यंत पीड़ा हुई है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।