प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों से देशभर में ‘स्वदेशी मेला’ आयोजित करने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल नारे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है। प्रधानमंत्री ने सांसदों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापारियों से मिलकर जीएसटी दर कटौती के लाभ और सरकार की अन्य योजनाओं का संदेश जनता तक पहुंचाएं।
मोदी ने कहा कि हाल ही में की गई जीएसटी दर कटौती से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है, जिसे जनता तक पहुंचाना सांसदों की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्होंने सांसदों से कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान केवल नारा नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान से छोटे कारीगर, हस्तशिल्पकार और स्थानीय उद्योगों को नया मंच मिलेगा। सांसद अपने क्षेत्रों में व्यापारियों और उपभोक्ताओं से बैठक करके इस पहल का लाभ समझाएं और लोगों का भरोसा बढ़ाएं कि सरकार उनके साथ है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ केवल आत्मनिर्भरता का विचार नहीं है, बल्कि देश के भविष्य की सुरक्षा भी है। जब भारतीय उत्पादों की खपत बढ़ेगी, तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विदेशी आयात पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने जोर दिया कि चाहे निवेश कोई भी करे, उत्पादन भारतीय होना चाहिए। यही ‘स्वदेशी मंत्र’ है।
पीएम मोदी ने पहले भी इस दिशा में कदम उठाए हैं। 28 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में उन्होंने मंत्रियों से कहा था कि लोग ज्यादा से ज्यादा ‘मेड-इन-इंडिया’ उत्पाद खरीदें और दुकानदार ‘स्वदेशी वस्तु उपलब्ध है’ के बोर्ड लगाएं। उस समय उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और आत्मनिर्भरता इसके सबसे बड़े हथियार में से एक है।
प्रधानमंत्री की यह अपील न केवल स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देगी, बल्कि आम जनता को भी आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ने में मदद करेगी। ‘स्वदेशी मेला’ के माध्यम से छोटे कारीगर, हस्तशिल्पकार और स्थानीय उद्योग अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगे। इस पहल से न केवल भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही जीएसटी में की गई कटौती का लाभ भी आम जनता तक पहुंचेगा और त्योहारी सीजन में बाजार में सकारात्मक माहौल बनेगा। पीएम मोदी की यह रणनीति देश की आर्थिक मजबूती और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निर्णायक साबित होगी।