नई दिल्ली : गुजरात के सूरत से अपहण का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर एक पल गुजरात पुलिस भी हैरान हो गई। लेकिन जब उन्होंने पूरा मामला सुना तो वे भी दंग रह गये। दरअसल एक युवक को लंबे समयों से जेल को अंदर से देखने का शौक था, जिसे लेकर उसने कई बार प्रयास भी किया। लेकिन उसे अधिकारियों ने दूर से ही भगा दिया। जिसके बाद इस शख्स ने एक 8 साल के बच्चे का अपहरण किया, जो अब पुलिस की गिरफ्त में है।
जानकारी के मुताबिक, जब पुलिस, आरपीएफ ने आरोपी राघवेंद्र (20) को भुसावल से गिरफ्तार किया तो उसके बयान सुनकर पुलिस भी चौंक उठी। आरोपी ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि, उसे लाजपोर जेल को अंदर से देखना था। इसलिए वह पहले भी दो-तीन बार देखने गया था, लेकिन वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने भगा दिया था। ऐसे में उसने अपने पड़ोसी के आठ साल के बच्चे का ही अपहरण कर लिया। उसने पुलिस की पूछताछ में बताया कि, यदि वह पुलिस के हत्थे न चढ़ता तो खुद बच्चे को घर छोड़ देता। पुलिस ने बताया कि वह रंगाई-पुताई का काम करता है।
इस मामले में एक बात और दिलचस्प यह रही कि आरोपी राघवेन्द्र ने बच्चे का अपहरण करने के बाद भी अपना फोन स्वीच ऑफ नहीं किया था। इस पर उसने पुलिस से कहा कि, मैंने मोबाइल इसलिए चालू रखा था ताकि पुलिस उसे सर्विलांस से ट्रेस कर गिरफ्तार कर सके। आपको बता दें कि इस युवक को गुजरात पुलिस और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से मिलकर भुसावल से गिरफ्तार किया है।