कोरोना बीमारी के इलाज का दावा करने वाली दवाई किट कोरोनिल विवादों में घिरती जा रही है। पहले आयुष मिनिस्ट्री ने आरोप लगाया कि ऐसा कोई आयोजन बिना सरकार की अनुमति के नहीं किया जा सकता।
इसके बाद स्वामी रामदेव को नोटिस भी भेज दिया गया है। इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने दावा किया कि कफ और सर्दी बुखार की दवा बोलकर लाइसेंस ले लिया गया। कोरोना की बात छिपाई गयी है।
इन सब घटनाओं के बाद राजस्थान सरकार ने तत्काल प्रभाव से इस दवाई की बिक्री पर रोक लगा दी। अब इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी प्रतिबंध लगा दिया है।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने गुरुवार को लिखा, ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जयपुर यह पता लगाएगा कि क्या पतंजलि के ‘कोरोनिल’ का क्लीनिकल ट्रायल किया गया था ?
हम बाबा रामदेव को चेतावनी देते हैं कि हमारी सरकार महाराष्ट्र में नकली दवाओं की बिक्री की अनुमति नहीं देगी।