14 सितंबर से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र के दौरान प्रश्न काल को स्थगित करने का फ़ैसला लिया गया था जिसको लेकर तमाम विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किये थे और सरकार की कड़ी आलोचना की थी।
कांग्रेस के नेता शशि थरुर ने तो इतना तक कहा था कि क्या इस देश में लोकतंत्र है भी या नहीं ? अब इसके बाद सरकार ने इसमें कुछ बदलाव किये है। लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक इस फ़ैसले में बदलाव किया गया है।
आपको बता दे कि अब दोनों सदनों में अब सदस्यों को अतारांकित यानि लिखित सवाल पूछने की इजाज़त दे दी गई है।
सदस्यों से कहा गया है कि वैसे प्रश्नों का नोटिस 4 सितंबर तक दे दिया जाए जिनके लिखित जवाब सदन में 14 , 15 और 16 सितंबर को दिए जाएंगे।
ज्ञात हो, लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के सदन में नेता अधीर रंजन चौधरी ने कुछ दिनों पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा था। उस पत्र में चौधरी ने लोकसभा स्पीकर से प्रश्नकाल और शून्यकाल संगीत नहीं किए जाने की मांग की थी।