{ श्री अचल सागर जी महाराज की कलम से }
इस पुरे विश्व में ऐसी अनेक समस्याऐं है जिनका समाधान ऐसा लगता है की कभी नहीं होगा या शायद होगा ही नहीं ! हाल ही में पिछले साल के अंत से शुरू हुई कोरोना महामारी को ही देख लीजिये।
ये एक ऐसी बीमारी थी जिसको लेकर अगर बड़े देश साल की शुरु में ही एकजुट हो जाते तो आज हर व्यक्ति परेशान नहीं होता। देशों की आपसी दुश्मनी हमेशा एक आम आदमी को नुकसान ही देती है।
आज एक आम आदमी जब काम से बाहर निकलता है तो उसे डर लगता है की कहीं वो बीमार नहीं हो जाए। आज पूरी दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है जिसने इस बीमारी की दवाई बनाई हो।
आज पूरी दुनिया इस कोरोना नाम के वायरस से पीड़ित है और सब लोगों की आजीविका पर संकट आ गया है। लेकिन इस बीमारी के दौर में भी भारत एक ऐसा देश रहा जिसने अपने पड़ोसी देशों की हमेशा मदद की।
पीएम मोदी ने छोटे छोटे न जाने कितने देशों को दवाइयां और बाकी जरुरी चीज़ें भेजी है और यही हमारी सभ्यता है। इसी सभ्यता के कारण पूरी दुनिया भारत की इज्जत करती है।
अगर आने वाले समय में देखा जाए तो यही लगता है की अमेरिका और चीन जैसे बड़े लोग अपने मतभेद के चलते लोगों को और संकट में डाल सकते है। चीन तो एक ऐसा देश है जिसने इतने बड़े संकट में भी भारत को सीमा पर परेशान किया है।
चीन ने इस बीमारी के शुरु होते ही सीमा पर चालाकी से सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी और गलवान में भी भारत को धोखा दे दिया था। इसलिए कई देश ऐसे है जिनके व्यवहार को देखकर यही लगता है कि वो भारत को हमेशा परेशान देखना चाहते है।
लेकिन ये देश हमेशा आगे बढ़ता है और आगे बढ़ता रहेगा। हम सबको हमारी सभ्यता पर गर्व है और हमेशा हम पीएम मोदी के निर्देशों का पालन करते हुए इस कोरोना नाम की महामारी को हरा देंगे।