बजट से ठीक पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने राज्य की आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज और केंद्र से मिलने वाली बकाया राशि को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति लगातार दबाव में है, जिसकी जिम्मेदारी मौजूदा सरकार और केंद्र दोनों पर बनती है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अवगत कराया है। पटवारी का दावा है कि केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के करीब 60 हजार करोड़ रुपये अब तक जारी नहीं किए हैं। उनका कहना है कि इस बकाया राशि के न मिलने से प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है और राज्य की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।
वहीं, बजट से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह सरकार कर्ज लेकर घी पी रही है। यह जनता की तिजोरी है, जनता के लिए है।” उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार जनता के पैसों का दुरुपयोग कर रही है और वित्तीय अनुशासन का पालन नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि लगातार कर्ज लेने की नीति से आने वाले समय में प्रदेश की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है।
बजट पेश होने से पहले विपक्ष के इन आरोपों से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष जहां सरकार को आर्थिक मोर्चे पर घेरने में जुटा है, वहीं अब सभी की निगाहें आगामी बजट पर टिकी हैं कि सरकार इन आरोपों का जवाब किस तरह देती है और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।