पन्ना। गणेश चतुर्थी के अवसर पर पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता हाथी कैंप पहुंचे। यहां चल रहे सात दिवसीय हाथी रिजुविनेशन कैंप में शामिल होकर उन्होंने हाथियों की देखभाल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हाथियों को तिलक लगाया और पुष्प अर्पित कर उनका स्वागत किया। विधायक ने अपने हाथों से हाथियों को केला, गन्ना, पौष्टिक दलिया, नारियल और विशेष लड्डू भी खिलाए। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और महावतों से बातचीत कर कैंप की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
हिनौता हाथी कैंप में 24 सितंबर से 30 सितंबर तक सात दिवसीय कायाकल्प शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान पन्ना टाइगर रिजर्व के करीब 21 हाथियों की विशेष देखभाल की जा रही है। ये हाथी पूरे साल जंगल में वन्यजीवों की निगरानी, बाघों की सुरक्षा और वन प्रबंधन से जुड़े कार्यों में वन विभाग की मदद करते हैं। कायाकल्प शिविर के दौरान उन्हें नियमित कार्य से राहत देकर आराम दिया जा रहा है।
शिविर में हाथियों के स्वास्थ्य परीक्षण, स्नान, साफ-सफाई और पोषण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार केला, गन्ना, पौष्टिक दलिया, नारियल और विशेष लड्डू जैसे आहार दिए जा रहे हैं। शिविर का उद्देश्य लंबे समय तक जंगल में काम करने वाले हाथियों को पर्याप्त आराम देने के साथ उनकी शारीरिक स्थिति और स्वास्थ्य की निगरानी करना है।
कार्यक्रम के दौरान बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। जंगल में संरक्षण कार्यों में सहयोग करने वाले हाथियों और उनकी देखभाल करने वाले महावतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में वर्षभर काम करने वाले हाथियों को समय-समय पर आराम और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। इससे उनकी सेहत और कार्यक्षमता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

बृजेंद्र प्रताप सिंह ने हाथियों के महावतों से भी बातचीत की। उन्होंने हाथियों की दिनचर्या, उनकी देखभाल और काम के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। महावतों ने अपनी आवश्यकताओं और व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याएं विधायक के सामने रखीं। इस पर उन्होंने संबंधित वन अधिकारियों के साथ चर्चा कर व्यवस्थाओं में सुधार और समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महावत हाथियों के व्यवहार, स्वास्थ्य और जरूरतों को लंबे अनुभव के आधार पर बेहतर समझते हैं। इसलिए हाथियों की देखभाल से संबंधित व्यवस्थाओं में उनके अनुभव को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
गणेश चतुर्थी के मौके पर हाथियों के बीच पहुंचने को बृजेंद्र प्रताप सिंह ने आत्मीय अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में हाथी को भगवान गणेश के स्वरूप से जोड़ा जाता है। ऐसे अवसर पर हाथियों के प्रति स्नेह और उनकी सेवा प्रकृति एवं वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है।
कार्यक्रम के दौरान पन्ना टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बृजेंद्र श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष कैलाश गुप्ता, संजय सिंह परिहार, लोकेंद्र यादव समेत वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और हाथियों के महावत मौजूद रहे।