हरियाणा के बल्लभगढ़ में बर्बरतापूर्ण तरीके से निकिता तोमर की हत्या कांग्रेस विधायक के परिजन ने कर दी थी। इसके बाद इस्लामिक कट्टरपंथी तौसीफ और रेहान को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
निकिता हत्याकांड की जांच के लिये हरियाणा सरकार ने SIT का गठन किया था और आज एसआईटी ने इस मामले में चार्जशीट दायर कर दी है। इसमें एसआईटी ने हत्याकांड को सोची समझी और पूर्व नियोजित साजिश कहा है। एसआईटी ने कहा है कि इस वारदात की साजिश पिछले दो साल से रची जा रही थी।
वीभत्स हत्याकांड की जांच के लिए एक एसआईटी बनाई गई थी, जिसने 11 दिन में चार्जशीट फाइल कर दी। एसआईटी ने शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे फरीदाबाद जिला अदालत की सुविधा कोर्ट के सुविधा केंद्र में 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी।
केस को पुख्ता बनाने के लिये चार्जशीट को डिजिटल, फोरेंसिक एवं मटेरियल एविडेंस के आधार पर अनुभवी अनुसंधान अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने चार्जशीट दाखिल करने के पहले लीगल पहलुओं को वरिष्ठ अधिकारियों से स्कूटनी भी कराई गई है।
26 अक्टूबर की शाम फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बीकॉम की छात्रा निकिता तोमर पेपर देकर कॉलेज से निकल रही थी। इसी दौरान तौसीफ ने बंदूक की नोक पर उसका अपहरण करने की कोशिश की।
निकिता के विरोध करने पर एक आरोपी ने उसे गोली मार दी। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से फरार हो गए। तौसीफ जबरन निकिता के साथ निकाह करके उसका धर्मांतरण काराना चाहता था।
घटना की सूचना मिलने पर थाना बल्लभगढ़ में हत्या व आर्म्स एक्ट की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस आयुक्त ओपी सिंह के संज्ञान में आने पर उन्होंने एसीपी क्राइम अनिल यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की 10 टीमें आरोपियों की धरपकड़ में लगाई।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया है कि पुलिस आयुक्त के द्वारा नितिका के भाई और मामा को आर्म्स लाइसेंस दिया गया इसके साथ ही परिवार के प्रत्येक सदस्य को गनमैन दिया गया है। इस केस की चश्मदीद गवाह के पिता को भी गन का लाइसेंस दिया गया है। ताकि वो सभी निर्भय होकर अपने केस की पैरवी कर सकें।
आपको बता दें कि निकिता तोमर हत्याकांड के मामले में तीन मुख्य आरोपी बनाए गए हैं, जिसमें हथियार उपलब्ध कराने वाले अजरुदीन को षड्यंत्र में शामिल होना व आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी बनाया गया है।
हत्यारे तौसीफ व रेहान को हत्या, आर्म्स एक्ट, षड्यंत्र रचना जैसी संगीन धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है। जांच टीम इस मामले में करीब 70 लोगों की गवाही दिलाएगी, जिसमें डॉक्टर, फ़ॉरेंसिक टीम, फोटोग्राफर, चश्मदीद गवाह आदि शामिल होंगे।