मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय से देश और मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (PMG) और प्रगति पोर्टल के माध्यम से वर्षों से अटकी निवेश परियोजनाओं को पुनः सक्रिय कर समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि पीएमजी और प्रगति प्लेटफॉर्म ने केंद्र और राज्य सरकारों के सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को तेज किया है। प्रधानमंत्री मोदी के स्पष्ट नीति-निर्देश, प्रो-एक्टिव गवर्नेंस और जवाबदेही आधारित व्यवस्था के कारण दशकों से लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करना संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले बड़ी योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती थीं, लेकिन अब नीति नहीं, निष्पादन और घोषणा नहीं, डिलीवरी की संस्कृति विकसित हुई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से मध्यप्रदेश को 209 बड़े राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स मिले हैं। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश वाली 108 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। वहीं, 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता प्राप्त की है। इनमें रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन और संरक्षण को भी आगे बढ़ा रही हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सफल बसाहट इसका उदाहरण है। इसी तरह धार जिले में स्थापित पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और टेक्सटाइल सेक्टर को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व में उपेक्षित रही केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गति पकड़ चुकी है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में तीन प्रमुख नदी परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिससे जल संसाधन प्रबंधन और कृषि दोनों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 285 किलोमीटर लंबी जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना पूरी होने से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा, उच्च क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हुआ है। इससे जबलपुर, बालाघाट, मंडला और सिवनी जिलों की कनेक्टिविटी नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों से बेहतर हुई है।इसके अलावा, 18.5 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन की सौगात भी प्रदेश को मिली है, जिसका लाभ उज्जैन सहित कई क्षेत्रों को मिलेगा।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रगति पोर्टल की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। इसकी 50वीं बैठक 31 दिसंबर 2025 को संपन्न हुई।उन्होंने बताया कि पीएमजी और प्रगति पोर्टल के माध्यम से मध्यप्रदेश में केंद्रीय परियोजनाओं से जुड़े 322 मुद्दों में से 312 और प्रगति पोर्टल पर समीक्षा की गई 124 समस्याओं में से 120 का समाधान किया गया है। दोनों प्लेटफॉर्म पर 97 प्रतिशत समस्याओं का समाधान राज्य सरकार द्वारा किया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्रीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के मामलों में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर गति और दक्षता के नए मानक स्थापित किए हैं। प्रदेश आज ऊर्जा और परिवहन हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में 77 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जो प्रदेश और देश दोनों की प्रगति को सुनिश्चित कर रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यों के बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण के लिए समन्वय सबसे बड़ी शक्ति है। पीएमजी और प्रगति जैसे प्लेटफॉर्म से केंद्र और राज्य मिलकर आधुनिक तकनीक के माध्यम से समय, लागत और विश्वास-तीनों स्तरों पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। यही सुशासन (Good Governance) की सच्ची पहचान है।