टॉप प्रॉसिक्यूटर को मिली जांच की जिम्मेदारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने न्यूयॉर्क के टॉप फेडरल प्रॉसिक्यूटर जे क्लेटन को जेफ्री एप्सटीन के रिश्तों की जांच करने का आदेश दिया है। इस जांच का मुख्य फोकस उन राजनीतिक व्यक्तियों पर होगा, जिन्हें ट्रंप अक्सर अपना विरोधी बताते हैं, जैसे पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन। यह कदम तब उठाया गया जब कांग्रेस के रिपब्लिकन सदस्यों ने हाल ही में एपस्टीन की संपत्ति से जुड़े करीब 23,000 पन्नों के दस्तावेज जारी किए, जिनमें कई बड़े नामों क्लिंटन, लैरी समर्स और रीड हॉफमैन का उल्लेख किया गया है।
दस्तावेजों में नाम तो आए, लेकिन अपराध का संकेत नहीं
जारी रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि एप्सटीन ने वर्षों तक कई प्रभावशाली लोगों ट्रंप, क्लिंटन, समर्स और हॉफमैन के बारे में ईमेल लिखे थे। हालांकि इन ईमेल में कहीं भी किसी अपराध या गलत काम का प्रमाण नहीं मिलता। पूर्व राष्ट्रपति क्लिंटन ने स्वीकार किया कि वे कुछ बार एपस्टीन के निजी विमान में यात्रा कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें एपस्टीन की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। इसी तरह ट्रंप और क्लिंटन पर किसी भी पीड़ित ने कोई यौन आरोप नहीं लगाया है।
समर्स और हॉफमैन ने स्वीकार की गलती
लैरी समर्स और रीड हॉफमैन ने सार्वजनिक रूप से माना है कि एपस्टीन से निकटता रखना उनकी तरफ से एक गंभीर भूल थी। हॉफमैन ने यहां तक कहा कि एमआईटी के एक कार्यक्रम में शामिल होकर जहां एपस्टीन मौजूद था, उन्होंने अनजाने में उसकी छवि सुधारने में योगदान दिया, जिसे वे अपनी बड़ी गलती मानते हैं।
क्लेटन की जांच पर भरोसा, पहले भी संभाल चुके बड़े केस
अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने कहा कि जे क्लेटन एक अनुभवी और ईमानदार प्रॉसिक्यूटर हैं तथा यह जांच पूरी निष्पक्षता से की जाएगी। क्लेटन वही अधिकारी हैं जिन्होंने 2019 में एपस्टीन के खिलाफ केस दर्ज किया था और 2021 में उसकी सहयोगी गिसलेन मैक्सवेल को यौन तस्करी के मामले में दोषी ठहराने में अहम भूमिका निभाई थी।
डेमोक्रेट्स पर निशाना
इस मामले में ट्रंप का रुख भी चर्चा में है। उससे जुड़े रिकॉर्ड को फिर से खोलने की मांग करते थे, लेकिन अब वह इसे “डेमोक्रेटिक होक्स” बताने लगे हैं। यह बदलाव तब आया जब कुछ ईमेल्स सामने आए जिनमें एपस्टीन ने ट्रंप का जिक्र किया था हालांकि उनमें किसी घटना या गलत काम का कोई सीधा प्रमाण नहीं था। व्हाइट हाउस का कहना है कि डेमोक्रेट्स चुनिंदा ईमेल लीक कर ट्रंप को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।