नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का दिमागी संतुलन ऐसा लगता है की इन दिनों हिला हुआ है। इसका कारण है की उनकी कुर्सी पर ख़तरा मंडरा है और उसे बचाने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
भारत और नेपाल के रिश्ते ओली इतने बिगाड़ चुके है की अब कुछ कहने को रहा नहीं है। पहले भारत के हिस्से को नक़्शे में दिखाया, फिर भारत की बेटियों के लिए कानून बदल दिया और इससे भी उनका मन नहीं भरा तो अब श्री राम पर टिपण्णी कर दी है।
उन्होंने एक बेतुका बयान दिया और कहा कि असली अयोध्या नेपाल में है। राम जी अगर भारत पैदा हुआ तो सीता से वो कैसे मिला जबकि उस समय फ़ोन नहीं थे। अब या तो ये नेपाल का दुर्भाग्य है कि एक ऐसा आदमी उनका पीएम है या ऐसा लग रहा है कि पीएम का संतुलन हिल गया है।
अब कोई पीएम ओली से यह पूछे की एक बार को मान भी ले की असली अयोध्या नेपाल में है तो सरयू नदी कहा है ? क्या ये झूठ था ? क्या राम जी सीता के स्वयंवर में नहीं आये थे ? क्या पुष्प वाटिका में वो सीता से नहीं मिले ? या ये भी झूठ था।
खैर, इससे पहले कि भारत से कोई एक्शन आता वो खुद घर में ही घिर गए है। नेपाल में राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के नेता कमल थापा ने प्रधानमंत्री केपी ओली के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है।
उन्होंने लिखा, ऐसा लगता है कि पीएम ओली भारत और नेपाल के रिश्ते और बिगाड़ना चाहते हैं। दरअसल खबरें आ रही है कि इस वक्त पीएम ओली पूरी तरह चीन के प्रेशर में है और उकसावे की राजनीति कर अपनी कुर्सी बचा रहे है।