रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: स्विट्जरलैंड की सरकार ने रविवार को बड़ा फैंसला लिया है, सरकार ने सार्वजनिक स्थल पर मुस्लिम महिलाओं के हिजाब और बुर्के से चेहरा ढंकने पर पाबंदी लगा दी है। सरकार की तरफ से यह फैंसला जनमत संग्रह कराकर लिया गया है। जनमत संग्रह में 51 प्रतिशत मतदाताओं ने बुर्का प्रतिबंधित करने के पक्ष में अपना मत दिया। है। जिसके बाद सरकार ने यह तदम उठाया है। सरकार के इस प्रस्ताव को मंजूर होने के बाद रेंस्त्रां, खेल के मैदानों, सार्वजनिक परिवहन साधनों या सड़कों पर चलते समय चेहरा ढंकने पर पाबंदी लग जाएगी।
स्विट्जरलैंड ने रविवार 7 मार्च को सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का पहनने की छूट होनी चाहिए या नहीं, इस बात का फैसला करने के लिए जनमत संग्रह का सहारा लिया था। आधिकारिक आंकड़ें के मुताबिक 51.21 फीसदी मतदाताओं ने बुर्के पर बैन लगाने का समर्थन किया है। इसमें ज्यादातर संघीय प्रांतों ने इस बैन का समर्थन किया।

जनमत संग्रह में कुल 1,426,992 मतदाताओं ने इस बैन का समर्थन किया। तो वहीं 1,359,621 लोग बैन के खिलाफ थे। इस जमनत संग्रह में 50 .8 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया था। इस दौरान लोगों से पूछा गया था कि क्या सार्वजनिक स्थानों पर नकाब को प्रतिबंधित किया जाए या नहीं? इस प्रश्न पर 51.21 फीसदी लोगों ने बुर्के और नकाब को प्रतिबंधित करने के पक्ष में मतदान किया है।
आपको बता दें कि स्विट्जरलैंड की संसद और देश की संघीय सरकार का गठन करने वाली सात सदस्यीय कार्यकारी परिषद ने इस जनमत संग्रह प्रस्ताव का विरोध किया है। इस प्रस्ताव के मंजूरी मिलने के बाद धार्मिक स्थलों पर जाते समय चेहरा ढंकने और स्वास्थ्य कारणों, जैसे कि कोविड-19 से बचाव के दौरान मास्क पहनने की छूट रहेगी।
स्विट्जरलैंड से पहले फ्रांस ने साल 2011 में ही चेहरे को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनने पर बैन लगा दिया था। वहीं डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड और बुल्गारिया में भी सार्वजनिक जगहों पर बुर्का पहनने पर पाबंदी है।