मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन 19 फरवरी (गुरुवार) को महत्वपूर्ण रहने वाला है। सदन में इस दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इससे पहले 16 फरवरी को राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने अपने अभिभाषण में प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और उनसे आए बदलावों का विस्तृत उल्लेख किया था।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा था कि देश उस ऐतिहासिक दौर में प्रवेश कर चुका है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अमृत काल’ की संज्ञा दी है। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में मध्य प्रदेश की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार उद्योग, कृषि, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में निरंतर प्रयास कर रही है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में- उद्योगों के अनुकूल वातावरण और भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के प्रयास, और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए सुधारों का उल्लेख किया था।
अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा भाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, हंगामे के बीच भी राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा।
राज्यपाल के सदन से प्रस्थान के बाद जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि जो हिस्सा पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। सत्र के दौरान- कुल 3478 प्रश्न, 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प, और 83 शून्यकाल के प्रश्न पेश किए जाएंगे। चौथे दिन की चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।