{ मुरादाबाद से शकील की रिपोर्ट }
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। यूपी सरकार पूरी कोशिश कर रही है कोरोना के असर को नियंत्रित किया जाए।

इसके तहत एक बड़े फैसले के मद्देनजर यूपी की जेलों में कैद 11000 कैदियों को रिहा किया जा रहा है। योगी सरकार ने यह फैसला भीड़भाड़ कम करने के मकसद से लिया है। जानलेवा कोरोना वायरस के उत्तर प्रदेश की जेलों में भी फैलने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद जेल में बंद 81 बंदियों को पैरोल या जमानत देकर तय समय के लिए रिहा किया गया। इसमें विचाराधीन कैदी व सजायाफ्ता कैदी शामिल हैं।

जेलर का कहना था कि पैरोल सामान्य प्रक्रिया के तहत दिया गया और जमानत के लिए ADJ व न्यायिक मजिस्ट्रेट के द्वारा जेल में आकर यह बेल उपलब्ध करवाई गई। रिहा हुए कैदियों में संभल के 64 व अमरोहा जनपद के 17 कैदी शामिल है।

गौरतलब यह कि कोरोना वायरस के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की जेलों में कैदियों की संख्या को कम करने के लिए राज्यों से उन कैदियों को पैरोल या अंतरिम जमानत पर रिहा करने के लिए विचार करने को कहा था जो अधिकतम 7 साल की सजा काट रहे हैं।

अदालत ने कहा था कि जेलों से भीड़ को कम करने के लिए सात साल तक की जेल की सजा वाले अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए या आरोपित कैदियों को पैरोल दी जा सकती है। रिहा किये गए 81 बंदियो को स्थानीय पुलिस की सहायता से सरकारी वाहनों से उनके घरों को रवाना कर दिया गया है।