लखनऊ : राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव में बसपा के पास जिताऊ आंकड़े नहीं हैं। इसीलिए यह माना जा रहा था कि बसपा राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं उतारेगी, लेकिन मायावती ने रामजी गौतम को मैदान में उतारकर सभी को चौंका दिया।
रणऩीतिकार यह सोच-विचार ही रहे थे कि बसपा जीत के लिए कहां से सदस्य संख्या लाएगी। इसी बीच भाजपा ने नौ के स्थान पर आठ उम्मीदवारों को उतारकर भविष्य की राजनीति पर नई चर्चा छेड़ दी।
बसपा के पांच विधायकों द्वारा बुधवार को बगावत करना और उसके बाद तर्कों के आधार पर रामजी गौतम का पर्चा वैध ठहराया जाना, कुछ न कुछ होने की ओर इशारा जरूर कर रहा है।
बसपा के भले ही पांच विधायकों ने सीधे तौर पर बगावत के सुर बुलंद किए हो पर अंदर खाने में इनकी संख्या सात बताई जा रही है। बसपा के ये सातों विधायक सपा के संपर्क में हैं।
माना जा रहा है कि ये सभी विधायक जल्द सपा में शामिल हो सकते हैं। वहीं, बसपा इन बागियों पर जल्द कार्रवाई कर सकती है।
इस संबंध में विधायक दल के नेता लालजी वर्मा ने कहा है कि किसी पर भी कार्रवाई करने का अधिकार पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के पास है। इसलिए उनका फैसला अंतिम होगा।