मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विवाह संस्कार हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा का अत्यंत पवित्र तथा महत्वपूर्ण हिस्सा है। पाणिग्रहण संस्कार भारतीय समाज में विशेष स्थान रखता है, जिसके माध्यम से कन्या अपने नए जीवन की शुरुआत करती है और माता-पिता का आशीर्वाद उसके दांपत्य जीवन को नई दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विवाह से जुड़े रीति-रिवाज हमारी गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को नागदा में राजेश धाकड़ के सुपुत्र के विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवविवाहित दंपति एवं परिवारजनों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद और मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की।
विवाह समारोह में थावरचंद गेहलोत, कर्नाटक के राज्यपाल, भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने नवविवाहित वर-वधू रितिक और वर्षा को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके समृद्ध, सुखी और सफल दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने परिवारजनों के साथ सामूहिक फोटो सेशन में सहभागिता की तथा सहभोज भी किया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ, घटिया विधायक सतीश मालवीय, नागदा विधायक तेजबहादुर चौहान, शाजापुर विधायक अरुण भीमावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे पारिवारिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में संस्कारों, पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं। विवाह संस्कार भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो पीढ़ियों को जोड़ने का कार्य करता है।