भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को मध्य प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को राज्य के ‘‘सबसे बड़े गद्दार” करार दिया और कहा कि उन्होंने ‘‘भ्रष्ट” सरकार चलाकर मतदाताओं के साथ विश्वासघात किया।
सिंधिया ने कहा कि जब लोगों की आवाज उन्होंने पार्टी के हर स्तर पर उठाई और उसका समाधान नहीं निकाला गया तो वे कांग्रेस छोड़ने को मजबूर हो गये । उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तीन नवम्बर को राज्य की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा पूरी नहीं तो अधिकांश सीटें जरूर जीतेगी।
पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में सिंधिया ने कहा कि जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं उनमें से 27 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था। इसलिए भाजपा का हर हाल में फायदा ही होगा, नुकसान सिर्फ कांग्रेस का होना है।
बता दें कि राज्य के इतिहास में पहली बार 28 विधानसभा सीटों पर एक साथ उपचुनाव होने जा रहे हैं। तीन नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव से यह तय होगा कि प्रदेश की सत्ता में सत्तारूढ़ भाजपा रहेगी या विपक्षी कांग्रेस।
मतगणना 10 नवंबर को होगी। जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 25 सीटें कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने से खाली हुई हैं, जबकि दो सीटें कांग्रेस विधायकों के निधन से और एक सीट भाजपा विधायक के निधन से रिक्त हुई है।
उल्लेखनीय है कि इस साल मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक कांग्रेस के 22 विधायकों ने त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इसकी वजह से प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी, जिसके कारण कमलनाथ ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। इसके बाद कांग्रेस के तीन अन्य विधायक भी कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे।