भोपाल स्थित विधानसभा परिसर के मानसरोवर सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने राज्य के वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विधानसभा में ₹4,38,317 करोड़ का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया गया है, जो पिछले वर्ष के ₹4,21,000 करोड़ के बजट से अधिक है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट समावेशी विकास, जनकल्याण, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण और आर्थिक प्रगति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। हर वर्ग की समृद्धि और हर क्षेत्र के संतुलित विकास के संकल्प के साथ यह बजट मध्यप्रदेश के भविष्य की नई दिशा तय करता है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में समर्पित किया है। यह बजट प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प और विजन 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें ज्ञान (GYAN)-गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी शक्ति-को विकास की धुरी बनाया गया है।
कुल बजट आकार: ₹4,38,317 करोड़
पिछले वर्ष (2025-26): ₹4,21,000 करोड़
मजबूत आर्थिक आधार, सतत विकास और दीर्घकालिक योजनाओं के जरिए विकसित मध्यप्रदेश की ओर ठोस कदम
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की चुनौतियों और संभावनाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
बजट में कई अहम विभागों के आवंटन में बड़ी बढ़ोतरी की गई है-
ग्रामीण विकास विभाग: 37% वृद्धि
राजस्व विभाग: 43% वृद्धि
महिला एवं बाल विकास: 26% वृद्धि
नगरीय विकास एवं आवास: 16% वृद्धि
स्कूल शिक्षा: 11% वृद्धि
स्वास्थ्य क्षेत्र: ₹23,747 करोड़ का प्रावधान
सरकार ने जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए विशेष बजट आवंटन किया है-
लाड़ली बहना योजना: लगभग ₹23,800 करोड़
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना: लगभग ₹5,500 करोड़
सिंहस्थ 2028 (उज्जैन): ₹3,000 करोड़
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: लगभग ₹4,600 करोड़
नई योजनाएं:
द्वारका योजना: 3 वर्षों में ₹5,000 करोड़
स्वामित्व योजना: ₹3,800 करोड़
यशोदा दुग्ध प्रदा योजना: ₹700 करोड़
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए कुल ₹1,15,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है-
उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने हेतु: ₹28,158 करोड़
बीज, उपकरण और सिंचाई जैसी आधारभूत सुविधाएं: ₹64,995 करोड़
फसल बीमा और राहत जैसे सुरक्षा उपाय: ₹13,769 करोड़
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए कुल ₹1,88,378 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इनमें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए विशेष रूप से ₹3,192 करोड़ शामिल हैं। देवड़ा ने बताया कि यह बजट आम जनता से मिले सुझावों और विषय विशेषज्ञों से संवाद के आधार पर तैयार किया गया है, इसलिए सरकार इसे ‘जनता का बजट’ कह रही है।
पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और अधोसंरचना के माध्यम से मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा।